गोलाघाट, 2 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल जीतने वालीं लवलीना बोरगोहेन ने अपना मेडल असम के बाढ़ प्रभावित लोगों को समर्पित किया है। सीडब्ल्यूजी में लवलीना की इस कामयाबी के बाद उनके गृह जिले में खुशी का माहौल है। असम बॉक्सिंग एसोसिएशन के ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी देव बरुआ ने लवलीना की इस उपलब्धि पर खुशी और गर्व जाहिर किया है।
असम राज्य के गोलाघाट जिले के बारो मुखिया गांव की रहने वालीं लवलीना कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीतने के बाद, मैरी कॉम और विजेंदर सिंह के बाद हर बड़े टूर्नामेंट में मेडल जीतने वाली तीसरी भारतीय बॉक्सर बन गईं। लवलीना एशियन गेम्स में सिल्वर और टोक्यो ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं। उन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप में 69 किग्रा और 75 किग्रा वेट कैटेगरी में सफलता हासिल करते हुए एक गोल्ड और दो ब्रॉन्ज मेडल भी जीते हैं।
देव बरुआ ने 'आईएएनएस' से कहा, "फाइनल में असम की बेटी लवलीना बोरगोहेन ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया, जिसके लिए मैं असम बॉक्सिंग एसोसिएशन की तरफ से उन्हें बधाई देते हैं। लवलीना ने अपना मेडल बाढ़ पीढ़ित लोगों को समर्पित किया है। डेरगांव में ही लवलीना ने अपनी डेब्यू बाउट लड़ी थी। उन्होंने ओलंपिक मेडल जीतने के बाद यहां के अन्य मुक्केबाजों को प्रेरित किया। वह जब भी मुझसे मिलती हैं, तो यहां के बॉक्सर्स के बारे में पूछती हैं। इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई।"
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को सिल्वर मेडल जिताने के बाद लवलीना ने अपना मेडल बाढ़ पीड़ितों को समर्पित किया था। उन्होंने लोगों को तकलीफ में देखकर दुख जताते हुए कहा, "अभी असम में हालात बहुत मुश्किल हैं। अपने लोगों को इस हालत में देखकर बहुत बुरा लगता है। बाढ़ का असर पानी उतरने के बाद भी खत्म नहीं होता, और अभी तो यह खत्म भी नहीं हुआ है। मैं अपना सिल्वर मेडल बाढ़ पीड़ितों को समर्पित करना चाहती हूं। मुझे इस बात का भी बहुत अफसोस है कि इस मुश्किल समय में मैं असम में नहीं थी।"