नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कुछ खिलाड़ी ऐसे होते हैं, जिनका करियर छोटा, लेकिन प्रभावशाली होता है। कुछ ऐसा ही करियर भारत के पूर्व स्पिन गेंदबाज अरशद अयूब का रहा। डेब्यू मैच में ही 5 विकेट लेकर अरशद अपनी छाप छोड़ने में सफल रहे थे। वहीं, एशिया कप के फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ किया गया उनका प्रदर्शन पूर्व स्पिनर के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि रही।
अरशद अयूब का जन्म 2 अगस्त, 1958 को हैदराबाद में हुआ। अरशद का शुरुआत से ही क्रिकेट के प्रति खास लगाव था और उन्होंने जल्द ही इस खेल में करियर बनाने का फैसला किया। अरशद ने अपनी घूमती गेंदों के दम पर घरेलू क्रिकेट में खूब नाम कमाया। गेंद के साथ-साथ वह बल्ले से भी अहम योगदान देने के लिए जाने जाते थे। साल 1987 में उन्होंने हैदराबाद को रणजी ट्रॉफी का खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई। टूर्नामेंट के खिताबी मुकाबले में अरशद 'प्लेयर ऑफ द मैच' भी रहे।
घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन का इनाम अरशद को 1987 में ही मिला। वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए उन्हें टीम में शामिल किया गया। अरशद डेब्यू मैच में ही छाप छोड़ने में सफल रहे और उन्होंने कुल 5 विकेट अपने नाम किए। हालांकि, इसके बावजूद भारतीय टीम को 5 विकेट से हार का सामना करना पड़ा।
हालांकि, 1988 अरशद के इंटरनेशनल करियर के लिहाज से सबसे शानदार साल रहा। उन्होंने भारत के दौरे पर आई न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन किया। अरशद ने इस सीरीज में कुल 21 विकेट चटकाए और भारतीय टीम सीरीज को 2-1 से अपने नाम करने में सफल रही।
इसी साल वनडे क्रिकेट में भी अरशद की घूमती गेंदों का जादू देखने को मिला। बांग्लादेश के ढाका में खेले गए एशिया कप के फाइनल मुकाबले में अरशद के आगे पाकिस्तान के बल्लेबाज पूरी तरह से बेबस नजर आए थे। अरशद ने खिताबी मुकाबले में 9 ओवर के स्पेल में सिर्फ 21 रन देकर 5 विकेट झटके और पाकिस्तान की पूरी टीम को सिर्फ 142 रनों पर ढेर किया।
इसके बाद भारतीय टीम 143 रनों के लक्ष्य को 40.4 ओवर में 6 विकेट खोकर हासिल करने में सफल रही और अरशद की शानदार गेंदबाजी के बूते भारतीय टीम ने खिताब पर कब्जा जमाया। अरशद ने भारत के लिए 13 टेस्ट मैच खेले और इस दौरान उन्होंने 41 विकेट चटकाए। वहीं, 32 वनडे मुकाबलों में उन्होंने 31 विकेट झटके।