इस्लामाबाद, 2 अगस्त (आईएएनएस)। पाकिस्तान के कराची के ल्यारी इलाके में गैंगस्टर उजैर बलूच के भाई जुबैर बलूच पर अज्ञात हमलावरों ने हमला कर दिया। स्थानीय मीडिया ने पुलिस के हवाले से बताया कि हमले में गैंगस्टर जुबैर गंभीर रूप से घायल हो गया।
ल्यारी में चाकीवारा रोड पर हुए इस हमले में दो राहगीर भी घायल हो गए। पाकिस्तान के अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, जुबैर बलूच को सीने और पेट में कई गोलियां लगीं।
साउथ के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी) सैयद असद रजा ने कहा कि जुबैर बलूच सिंगू लेन में अपने घर के बाहर बैठे थे, तभी बंदूकधारियों ने उन पर गोलियां चलाईं और मौके से भाग गए।
रजा ने कहा कि पुलिस अलग-अलग एंगल से मामले की जांच कर रही है, जिसमें यह भी शामिल है कि क्या गोलीबारी गैंग की दुश्मनी या राजनीतिक दुश्मनी से जुड़ी थी। उन्होंने कहा कि ज़ुबैर बलूच को 2012 में सात क्रिमिनल केस में गिरफ्तार किया गया था और 2025 में रिहा किया गया था।
डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, मार्च में एक एंटी-टेररिज्म कोर्ट (एटीसी) ने पुलिस एनकाउंटर, हत्या और विस्फोटक रखने से जुड़े सात मामलों में उजैर बलूच की बेल एप्लीकेशन खारिज कर दी थी।
स्थानीय मीडिया की ओर से साझा जानकारी के अनुसार मई की शुरुआत में, सिटीजन्स-पुलिस लाइजन कमेटी (सीपीएलसी) के जारी डेटा से पता चला कि कराची में स्ट्रीट क्राइम में बढ़ोतरी हुई है, जिसमें लोगों से सैकड़ों गाड़ियां और मोबाइल फोन लूटे गए। इसके साथ ही इस साल जनवरी-अप्रैल के दौरान हत्या और जबरन वसूली के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है।
पाकिस्तानी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी-अप्रैल के दौरान, कराची में लोगों से 611 कारें और 13,346 मोटरसाइकिलें लूट ली गईं, जिनकी कुल कीमत लाखों रुपये थी। यह शहर में गाड़ियों से जुड़े अपराध के पैमाने को दिखाता है।
इसी दौरान, सड़क पर अपराध की घटनाओं के दौरान नागरिकों से 5,567 मोबाइल फोन चोरी हो गए। कराची में हिंसा से जुड़ी घटनाएं भी सामने आईं, जिसमें हत्या की अलग-अलग घटनाओं में 176 लोग मारे गए। इसके अलावा, इस दौरान जबरदस्ती वसूली के 61 मामले सामने आए।
डेटा के अनुसार, सिर्फ अप्रैल में 22 कारें छीनी गईं और 111 चोरी हो गईं, जबकि 469 मोटरसाइकिलें छीनी गईं और 2,723 चोरी हो गईं। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, इसी 30 दिन के दौरान, लोगों से 1,624 मोबाइल फोन छीने गए जबकि अलग-अलग घटनाओं में 42 लोग मारे गए।
इस बीच, पुलिस महिला और बाल सुरक्षा सेल ने बताया है कि इस साल जनवरी से अप्रैल तक कराची में कम से कम 388 बड़ों और 10 नाबालिगों को घरेलू हिंसा, परेशानी, गलत व्यवहार और उससे जुड़े अपराधों का सामना करना पड़ा।
--आईएएनएस
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