कोलकाता, 16 अगस्त (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत योजना शुरू होने पर प्रदेश सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने खुशी जाहिर की। उन्होंने वंदे मातरम विवाद को लेकर कांग्रेस सरकार की आलोचना की।
दरअसल, पश्चिम बंगाल में रविवार यानी 16 अगस्त से आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबीपीएमजेएवाई) की शुरुआत हो गई है। राज्य में अब स्वास्थ्य साथी, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना और आयुष्मान भारत एक साथ चलेंगी।
मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि हम जैसे जनप्रतिनिधियों के लिए यह बड़े हर्ष की बात है। प्रदेश में कई गंभीर बीमारी से ग्रस्त मरीज इलाज के लिए आते थे और उनके पास पैसा नहीं होता था। पूर्व की ममता सरकार की स्वास्थ्य योजना 'स्वास्थ्य साथी' में कई गंभीर बीमारियों को कवर नहीं किया जाता था। वहीं, अन्य राज्यों में 'स्वास्थ्य साथी' एप्लीकेबल नहीं था, ऐसे में गरीब जाएं तो कहां। गंभीर बीमारी से ग्रस्त मरीज को अपना घर और खेती बेच कर इलाज कराना पड़ा था।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद सीएम सुवेंदु अधिकारी ने आयुष्मान योजना का शुभारंभ किया। अब कोई भी गरीब पैसे के अभाव में बीमारी से वंचित नहीं रहेगा।
वंदे मातरम विवाद पर मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि हमने सोशल मीडिया पर वीडियो देखा। सोनिया गांधी इशारे कर रही थीं, हमने सुना कि उन्हें वंदे मातरम पसंद नहीं है और एक पद के बाद वह दूसरा पद न गाने के लिए कह रही थीं, लेकिन उन्होंने सफाई दी कि मल्लिकार्जुन खड़गे को बैठने के लिए कुर्सी देनी थी, तो सोनिया, अगर आपको बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की रचना 'वंदे मातरम' पसंद नहीं है, तो इसे छिपा क्यों रही हैं?"
अग्निमित्रा पॉल ने तंज लहजे में कहा कि आपकी पार्टी (कांग्रेस) सत्ता में रहने के दौरान एंटी-भारत काम किया गया है। आपके पूर्वज की वजह से देश का विभाजन हुआ है। जवाहर लाल नेहरू ने सुभाष चंद्र बोस के साथ जैसा व्यवहार किया है, पश्चिम बंगाल भूलने वाला नहीं है।
इसी बीच, भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी ने ‘वंदे मातरम’ पर आपत्ति की आलोचना की और कहा कि यह अफसोस की बात है कि लोगों को राष्ट्रीय गीत गाने से रोका जा रहा है।
भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी कहती हैं, "देश में यह नियम बन गया है कि वंदे मातरम पूरा गाया जाएगा, लेकिन दुर्भाग्य से इस देश में रहने के बावजूद वे देश के नियमों का पालन नहीं करती हैं। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने वंदे मातरम लिखा था। यह पूरा वंदे मातरम है, इसे बांटा गया था, लेकिन यह अच्छी बात है। हम जानते हैं कि वंदे मातरम देश को जानने और उसका सम्मान करने के बारे में है, लेकिन उन्होंने जो किया है, वह शर्मनाक है।"
--आईएएनएस
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