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तेलंगाना में कांग्रेस नेताओं पर गाज, मंत्री कोंडा सुरेखा को कैबिनेट से हटाने की सिफारिश

तेलंगाना

हैदराबाद, 25 अगस्त (आईएएनएस)। तेलंगाना की वन और बंदोबस्त मंत्री कोंडा सुरेखा और योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष जी. चिन्ना रेड्डी पर कार्रवाई हो सकती है, क्योंकि राज्य कांग्रेस की अनुशासनात्मक समिति ने अनुशासनहीनता के लिए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की सिफारिश की है।

अनुशासन समिति ने राज्य इकाई को सौंपी अपनी रिपोर्ट में यह सुझाव दिया है कि पार्टी सुरेखा को कैबिनेट से हटा दे और चिन्ना रेड्डी को भी उनके पद से हटा दे।

सुरेखा और चिन्ना रेड्डी के खिलाफ यह कार्रवाई उनके उन बयानों के कारण करने का सुझाव दिया गया, जिन्हें पार्टी और उसके नेतृत्व के लिए नुकसानदेह माना गया।

वरिष्ठ नेता चिन्ना रेड्डी, योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष के तौर पर कैबिनेट रैंक का दर्जा रखते हैं।

अनुशासन समिति के अध्यक्ष मल्लू रवि और उपाध्यक्ष श्याम मोहन ने मंगलवार को राज्य पार्टी अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ को रिपोर्ट सौंपी, और उन्होंने यह रिपोर्ट तेलंगाना के लिए एआईसीसी प्रभारी मीनाक्षी नटराजन को भेज दी है।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि दोनों नेताओं के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई पर एआईसीसी नेतृत्व अंतिम फैसला लेगा।

खबरों के मुताबिक, अनुशासन समिति ने पाया कि सुरेखा को अपनी बेटी कोंडा सुष्मिता द्वारा मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के खिलाफ की गई टिप्पणियों की निंदा करनी चाहिए थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने पार्टी अनुशासन का उल्लंघन किया है।

अनुशासन समिति द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस के जवाब में, सुरेखा ने वारंगल जिले के परकाला में एक कार्यक्रम के दौरान सुष्मिता द्वारा की गई टिप्पणियों से खुद को अलग कर लिया था।

मंत्री ने अपने जवाब में कहा कि मुख्यमंत्री के खिलाफ की गई टिप्पणियों के लिए उन्हें राजनीतिक रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए, और वे उनकी बेटी के निजी विचार थे।

उन्होंने अनुशासन समिति से उन्हें जारी नोटिस वापस लेने का आग्रह किया था।

चिन्ना रेड्डी ने भी अनुशासन समिति से उन्हें जारी नोटिस वापस लेने का आग्रह किया था। उन्होंने अपने जवाब में कहा कि हाल ही में उनके द्वारा की गई टिप्पणियां केवल लंबे समय से पार्टी से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं की शिकायतों को व्यक्त करने का एक तरीका थीं।

योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष ने 16 अगस्त को वनपर्थी जिले के गोपालपेट में मंडल कांग्रेस कार्यालय के उद्घाटन के दौरान पार्टी नेतृत्व और वनपर्थी के विधायक टी. मेघा रेड्डी के खिलाफ टिप्पणियां की थीं।

सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सुरेखा और उनकी बेटी से जुड़े विवाद पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था।

उन्होंने कहा कि वह मीडिया के सामने पार्टी के आंतरिक मामलों पर बात नहीं करना चाहेंगे क्योंकि इस मामले को पहले ही अनुशासन समिति देख रही है। मुख्यमंत्री ने पार्टी में अनुशासन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि पार्टी आलाकमान का फ़ैसला अंतिम होगा और सभी नेताओं को इसे मानना ​​होगा।

--आईएएनएस

एससीएच