Advertisement banner

'सुखबीर बादल पर हुए हमले के बाद हाथ में लगे कई टांके', हरसिमरत कौर बादल ने दिखाई कृपाण की तस्वीर

सुखबीर बादल पर हुए हमले के बाद हाथ में लगे कई टांके

नई दिल्ली, 16 अगस्त (आईएएनएस)। शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने रविवार को कहा कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर पार्टी प्रमुख सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमलों की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जांच कराने की मांग की है।

सुखबीर सिंह बादल पर गुरुवार को महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित एक गुरुद्वारे में निहंग के वेश में आए एक व्यक्ति ने हमला किया था। इससे पहले वर्ष 2024 में भी सुखबीर बादल की हत्या की कोशिश की गई थी, जब वह पंजाब के अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर (गोल्डन टेंपल) के प्रवेश द्वार पर धार्मिक दंड स्वरूप सेवा कर रहे थे।

मीडिया से बातचीत के दौरान सुखबीर बादल की पत्नी और एसएडी सांसद हरसिमरत कौर बादल ने उस कृपाण की तस्वीर दिखाई, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर अकाली दल प्रमुख पर हमला करने के लिए किया गया था। उन्होंने सुखबीर बादल के घायल दाहिने हाथ की तस्वीर भी दिखाई और कहा, "हमले के बाद उनके हाथ में कई टांके लगे हैं।" एसएडी सांसद ने दावा किया, "यह एक बड़े षड्यंत्र का हिस्सा है।"

पंजाब पुलिस और राज्य की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, "दिसंबर 2024 में हुए पिछले हमले का आरोपी इस सरकार के दौरान खुलेआम घूम रहा है जबकि वह एक जाना-माना आईएसआई से जुड़ा आतंकवादी बताया जाता है, जिसने देश में बम धमाकों के जरिए शांति भंग करने की धमकी भी दी थी।"

उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय के अमृतसर पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर और डीजीपी गौरव यादव ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की।

गौरतलब है कि गुरप्रीत सिंह भुल्लर का हाल ही में तबादला कर दिया गया था। इससे पहले वह एक बयान को लेकर विवादों में आ गए थे, जिसमें उन्होंने पंजाब पुलिस द्वारा पकड़े गए पाकिस्तान की आईएसआई समर्थित मॉड्यूलों को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों से जोड़ने की बात कही थी।

उन्होंने कहा, "मामला इतना कमजोर बनाया गया कि आरोपी आसानी से जमानत पर बाहर आ गया। मुझे लगता है कि यही कारण है कि सुखबीर बादल पर दोबारा हमला हुआ।"

उन्होंने कहा, "मैंने गृह मंत्री को पत्र लिखकर एनआईए जांच की मांग की है, क्योंकि इसके पीछे एक बड़ा षड्यंत्र है। इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वह पुलिस अधिकारी हो, राजनेता हो या कोई और। मुझे उम्मीद है कि देश और पंजाब के हित में मेरी मांग पर विचार किया जाएगा।"

--आईएएनएस

एएमटी/पीएम