देवघर, 3 अगस्त (आईएएनएस)। सावन की पहली सोमवारी पर झारखंड के विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में सोमवार तड़के से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर के कपाट खुलते ही पूरा परिसर 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गूंज उठा। तड़के 3 बजे परंपरागत कांचा जल पूजा और सरकारी पूजा के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए जलार्पण शुरू हुआ। सुबह आठ बजे तक कांवड़ियों की कतार करीब 10 किलोमीटर लंबी हो गई।
बिहार के सुल्तानगंज स्थित उत्तरवाहिनी गंगा से पवित्र जल लेकर लाखों कांवड़िए लगभग 108 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी कर बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंच रहे हैं। सावन महीने में प्रतिदिन एक से डेढ़ लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान रहता है, लेकिन पहली सोमवारी होने के कारण सोमवार को दो से तीन लाख श्रद्धालुओं के जलार्पण की संभावना जताई गई है।
धार्मिक मान्यता है कि देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक 'कामना महादेव' विराजमान हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य पूरी होती है। इसी आस्था के साथ देश के विभिन्न राज्यों से आए शिवभक्त बाबा पर जल चढ़ाकर सुख, समृद्धि और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद मांग रहे हैं।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल, क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है। पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जा रही है। भीड़ प्रबंधन के लिए बाह्य अर्घा की व्यवस्था का विस्तार किया गया है, ताकि वृद्ध, दिव्यांग और लंबी कतार में खड़े होने में असमर्थ श्रद्धालु भी आसानी से जलार्पण कर सकें।
राज्य सरकार के अनुसार, इस वर्ष राजकीय श्रावणी मेले में देश-विदेश से 50 से 60 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालुओं के ठहरने और विश्राम के लिए देवघर-सुल्तानगंज मार्ग पर कोठिया और बाघमारा में अत्याधुनिक टेंट सिटी बनाई गई है, जहां एक साथ हजारों श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की गई है।