मुंबई, 25 अगस्त (आईएएनएस)। पुणे में आदिवासी छात्रों की भूख हड़ताल को लेकर लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के सीएम देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखने और एनसीपी-एससीपी विधायक रोहित पवार के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद सियासत तेज हो गई है। रोहित पवार ने राहुल गांधी को धन्यवाद देते हुए कहा था कि महाराष्ट्र सरकार आदिवासी छात्रों की अनदेखी कर रही है और कैबिनेट में भी मुद्दा नहीं उठाया गया।
इस पर शिवसेना नेता अरुण सावंत ने पलटवार करते हुए रोहित पवार के दावों को झूठा बताया और कहा कि महायुति सरकार ने आदिवासियों के लिए 2025-26 में 5,270 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। मैंने यह भी पढ़ा कि रोहित पवार ने राहुल गांधी को पोस्ट करके कहा, 'शुक्रिया राहुल। आप यहां आए और आदिवासी छात्रों की चिंताएं सुनीं। महाराष्ट्र सरकार उन पर ध्यान नहीं दे रही है और उन्होंने कैबिनेट मीटिंग में भी कोई मुद्दा नहीं उठाया।' हालांकि, रोहित पवार के दावे पूरी तरह झूठे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि यह राशि सिर्फ आदिवासी बच्चों, उनके स्कूलों और उनकी सुविधाओं, रोजगार, पानी की व्यवस्था करने के लिए खर्च की गई है। फिर भी अगर रोहित पवार को यह मालूम नहीं है तो बहुत दुख की बात है। दूसरी चीज यह है कि राहुल गांधी की मैं भी प्रशंसा करूंगा, क्योंकि वो लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं, वो विरोधी पार्टियों के प्रमुख नेता हैं। अगर वो आदिवासियों की मांग को लेकर कोई सवाल कर रहे हैं, तो इसमें कोई बड़ी बात नहीं है। उन्हें ऐसा करना चाहिए। जिस तरह से वो सवाल उठाते हैं, उसके हिसाब से हमारी महायुति सरकार, हमारे मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री आदिवासी भाई-बहनों के जीवन को उन्नत करने के लिए हर दिन कोशिश में लगे रहते हैं।
शिवसेना नेता अरुण सावंत ने कहा, "मैं सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस के बयान का सम्मान करता हूं, लेकिन नासिक में कुंभ मेले के लिए जो बजट दिया गया है, वह खास तौर पर कुंभ मेले के लिए है। उस बजट का स्कूलों के बजट से कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि, यह सच है कि महाराष्ट्र में कई मराठी मीडियम स्कूल बंद हो गए हैं या बंद होने की कगार पर हैं। राज्य सरकार मराठी स्कूलों को चालू रखने की अच्छी कोशिश कर रही है।"
बता दें कि पुणे में भूख हड़ताल कर रहे छात्रों में से एक आंदोलनकारी सुचित्रा ने कहा, "हमारी मांगों को प्रशासन पूरा नहीं कर रहा है। वो 50 फीसदी राजी हैं और 50 फीसदी इनकार कर रहे हैं। जो हमारे लिए जरूरी है, उसे मानने से नकार रहे हैं। वो कह रहे हैं कि हम सोचेंगे। हमें ठोस जवाब चाहिए कि हमारी मांगें पूरी करेंगे या नहीं। अगर हमें लिखित में बयान मिल जाता, तो हम आंदोलन रोक देते। वो कह रहे हैं कि आप आंदोलन रोक दो, हम मुख्यमंत्री से आपकी मुलाकात कराएंगे। वो सीधा कह रहे हैं कि समाधान के बिना आप आंदोलन रोक दो। ये गलत है।"
उन्होंने कहा, "ऐसा किसी जगह नहीं लिखा कि आप विरोध-प्रदर्शन कर रहे हों, तो बिना किसी समाधान के पीछे हट जाओ। हम पीछे नहीं हटेंगे, अपना आंदोलन जारी रखेंगे। हमारी मांगें पूरी होनी ही चाहिए।" इसके साथ ही सुचित्रा ने राहुल गांधी का धन्यवाद भी किया। उन्होंने बताया कि हमें राहुल गांधी का एक लेटर मिला। उन्होंने सीएम फडणवीस को चिट्ठी भेजी है और सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि 10 दिनों के अंदर बच्चों की मांग पूरी करिए, वरना मैं खुद आकर प्रदर्शन में बैठूंगा। यह बहुत अच्छा कदम है कि राहुल गांधी हमारी मदद कर रहे हैं।
--आईएएनएस
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