नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस वीडियो पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था, "मैं बच्चों को माफ करना चाहता हूं। बचपन में गलतियां हो जाती हैं।" गौरव वल्लभ ने इस मुद्दे को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी पर पलटवार किया। उन्होंने निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के संसद परिसर में भगवा कपड़े पहनने पर विपक्षी दलों की आलोचना की।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी मिलेनियल से रिजेक्टेड थे, अब जेनजी से रिजेक्टेड हैं। यहां तक कि जेन-अल्फा और जेन बीटा से भी रिजेक्टेड हैं।
गौरव वल्लभ ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि राहुल गांधी राजनीतिक मर्यादा को हर रोज लांघते हैं और देश को लज्जित करते हैं। मेरा राहुल से सवाल है कि 2018 से 2023 के बीच राजस्थान में 19 प्रमुख परीक्षाओं के पेपर लीक हुए थे। वह एक भी छात्र के घर गए क्या? इसके उलट तत्कालीन शिक्षा मंत्री को पदोन्नत किया गया और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस का मुखिया बना दिया गया।
उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामला गंभीर समस्या है और इस दौरान आप (राहुल गांधी) से उम्मीद थी कि संसद में चर्चा में सुझाव देंगे। लेकिन, आप संसद परिसर में मोनो एक्टिंग और फैंसी ड्रेस कार्यक्रम चला रहे हो। संसद परिसर में नाटक के दौरान खपाए गए समय का टीए-डीए हम टैक्स दाताओं ने दिया है। आपके प्रतिदिन की सुरक्षा और ऐशो-आराम का खर्चा टैक्सपेयर्स देते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि संसद सत्र के दौरान गंभीर समस्याओं पर चर्चा करें। लेकिन, राहुल गांधी गंभीर मुद्दों पर चर्चा नहीं राजनीति करना चाहते हैं।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आप मिलेनियल से रिजेक्टेड थे, अब जेनजी से रिजेक्टेड हैं और जेन अल्फा और जेन बीटा से भी रिजेक्टेड हैं, क्योंकि युवा पीढ़ी योग्यता पर विश्वास रखती है। मेरा मानना है कि कई संवेदनशील विषयों पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।
निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के संसद परिसर में भगवा कपड़े पहनने की आलोचना करते हुए गौरव वल्लभ ने कहा कि गेरुआ वस्त्र फैंसी ड्रेस धारण करने के लिए नहीं है। जिस व्यक्ति ने भगवा वस्त्र धारण किया, उसके खिलाफ आपराधिक मामले चल रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अखिलेश यादव वहां पर ताली बजाने पहुंच गए। इस घटना के बाद देश के गंभीर समस्याओं के प्रति राहुल गांधी, अखिलेश यादव और पप्पू यादव की प्रवृत्ति दिख रही है। भगवान श्रीराम को नीचा दिखाने का काम किया गया। इस घटनाक्रम से सनातनी परंपराओं को ठेस पहुंची है। इन लोगों को इस पाप की सजा जरूर मिलेगी।