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पुणे रेलवे स्टेशन पर हुई लूट का मामला 150 सीसीटीवी कैमरों की मदद से सुलझाया गया, तीन गिरफ्तार

पुणे

पुणे, 25 अगस्त (आईएएनएस)। पुणे रेलवे स्टेशन पर एक सीनियर बुकिंग क्लर्क के साथ हुई लूट के मामले में बंडगार्डन पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस टीम ने 150 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का इस्तेमाल करके आरोपी का पता डोंबिवली ईस्ट में लगाया।

पुलिस के मुताबिक, यह घटना 18 अगस्त को रात करीब 1 बजे हुई, जब क्लर्क रेलवे स्टेशन पर टिकट बुकिंग का काम कर रहा था। दो अनजान लोगों ने कथित तौर पर चाकू से उस पर हमला किया और जान से मारने की धमकी देकर नकदी, दो मोबाइल फोन और सोने की चेन छीन ली। इसके बाद आरोपी मौके से भाग गए।

इसके तुरंत बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। इसके बाद बुंडगार्डन पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया। सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर संतोष पंधारे ने संदिग्धों का पता लगाने के लिए दो टीमें बनाईं।

जांच करने वालों ने पुणे रेलवे स्टेशन से डोंबिवली ईस्ट रेलवे स्टेशन तक के रास्ते में लगे करीब 150 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की। फुटेज से पुलिस को संदिग्धों की तस्वीरें मिलीं और लूट के बाद उनकी गतिविधियों का पता चला।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी डोंबिवली ईस्ट के मानपाडा पुलिस स्टेशन इलाके में पहुंच गए थे। पुलिसकर्मी प्रकाश अहवाड और सारस साल्वी से मिली जानकारी के आधार पर संदिग्धों का पता भोपर गांव कमानी इलाके में लगाया गया।

बुंडगार्डन पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की इंटेलिजेंस ब्रांच की एक संयुक्त टीम ने 21 अगस्त को सुबह करीब 4 बजे छापा मारा और दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया।

आरोपियों की पहचान 24 साल के जितेंद्र मोतीराम राठौड़ और 23 साल के ईश्वर गोरख चव्हाण के तौर पर हुई। दोनों मूल रूप से जलगांव और छत्रपति संभाजीनगर जिलों के रहने वाले हैं और डोंबिवली ईस्ट में रह रहे थे।

पूछताछ के दौरान, दोनों ने कथित तौर पर लूट में अपनी भूमिका कबूल कर ली। बाद में पुलिस को पता चला कि उनके रिश्तेदार, 35 साल के अजय मदन चव्हाण ने भी अपराध में मदद की थी और उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों से लूटी गई नकदी और दो मोबाइल फोन बरामद कर लिए गए हैं। आगे की जांच चल रही है।

--आईएएनएस

एससीएच