मणिपुर: सुरक्षा बलों ने 9 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया, हथियार बरामद किए और छह आईईडी नष्ट किए

मणिपुर: सुरक्षा बलों ने 9 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया, हथियार बरामद किए और छह आईईडी नष्ट किए

इंफाल, 2 अगस्त (आईएएनएस)। मणिपुर में सुरक्षा बलों ने खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए अलग-अलग अभियानों में पिछले 24 घंटों के दौरान प्रतिबंधित विद्रोही संगठनों से जुड़े नौ उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है और उनसे हथियार, गोला-बारूद व अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। अधिकारियों ने रविवार को जानकारी साझा की।

पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि मणिपुर पुलिस और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों के जॉइंट ऑपरेशन में थोउबल, तामेंगलोंग, काकचिंग, चंदेल, इम्फाल वेस्ट और इम्फाल ईस्ट जिलों से नौ उग्रवादियों को पकड़ा गया।

पकड़े गए उग्रवादी प्रतिबंधित संगठनों में कांगलेईपाक कम्युनिस्ट पार्टी (केसीपी), पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) और उसके पॉलिटिकल विंग रिवोल्यूशनरी पीपल्स फ्रंट (आरपीएफ) नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड-खापलांग और पीपुल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलेईपाक से जुड़े हैं।

पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए उग्रवादी कई तरह की आपराधिक गतिविधियों में शामिल थे, जिनमें अपहरण और जबरदस्ती चंदा वसूलना शामिल है। उग्रवादी संगठन रंगदारी के लिए अक्सर चंदा शब्द का इस्तेमाल करते हैं।

सुरक्षाकर्मियों ने पकड़े गए उग्रवादियों के पास से कई आपत्तिजनक दस्तावेज, चंदे की रसीदें, कैश, प्रतिबंधित संगठनों की मुहरें और लेटरहेड, बाओफेंग कम्युनिकेशन हैंडसेट और कई अन्य चीजें बरामद की।

एक और जॉइंट ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने तेंगनौपाल जिले के मोरेह पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले एक जंगल इलाके से हथियार और गोला-बारूद का जखीरा बरामद किया। इस इलाके की सीमा म्यांमार से लगती है और यहां कोई बाड़ नहीं लगी है।

बरामद चीजों में एक 9 एमएम की पिस्टल, एक डबल-बैरल बंदूक, छह रेडियो सेट, दो हैंड ग्रेनेड और छह शक्तिशाली इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस शामिल हैं।

पुलिस ने बताया कि बम निरोधक दस्ते ने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर का पालन करते हुए मौके पर ही आईईडी को सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया।

इस बीच, पुलिस महानिदेशक मुकेश सिंह ने कानून-व्यवस्था और खुफिया विभाग के प्रभारी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के साथ इम्फाल में मणिपुर राइफल्स की ऐतिहासिक पहली बटालियन का दौरा किया। यह राज्य की सबसे पुरानी बटालियनों में से एक है और इसका 134 साल पुराना इतिहास है।

दौरे के दौरान डीजीपी को मणिपुर पुलिस के इतिहास के बारे में जानकारी दी गई, जिसमें 1892 में पहली मणिपुर राइफल्स के गठन से लेकर समय के साथ इसके विकास और योगदान के बारे में बताया गया।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मणिपुर पुलिस न केवल कानून लागू करने वाली एजेंसी है, बल्कि राज्य के इतिहास, विकास और संस्थागत सुधारों का भी एक अहम हिस्सा है। डीजीपी ने ब्रिटिश-युग की हेरिटेज बटालियन की कई अहम सुविधाओं का निरीक्षण किया, जिनमें क्वार्टर गार्ड, मणिपुर पुलिस ऑफिसर्स क्लब, बैंक्वट हॉल, ट्रांसपोर्ट विंग, परेड ग्राउंड, चर्च, मंदिर, कैंटीन और पेट्रोल पंप शामिल हैं।

उन्होंने बटालियन के अधिकारियों और कर्मचारियों से भी बातचीत की। इस दौरान यूनिट को बेहतर बनाने, तैनाती के नियमों का पालन करने, नियमित निरीक्षण और नियमों के पालन से जुड़े तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई। बटालियन के लगातार विकास और आज की पुलिसिंग की जरूरतों के हिसाब से प्रोजेक्ट्स को लागू करने के लिए जरूरी सुझाव और राय साझा की गई।

इस बीच, सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स और मणिपुर पुलिस की सुरक्षा बलों ने राज्यभर के बाहरी इलाकों, मिली-जुली आबादी वाले और संवेदनशील इलाकों में बड़े पैमाने पर उग्रवाद-विरोधी अभियान जारी रखे हैं, जिनमें सर्च ऑपरेशन और इलाके पर नियंत्रण की कवायद शामिल है।

सुरक्षा के कड़े इंतजामों के तहत, उग्रवादियों, असामाजिक तत्वों और संदिग्ध गाड़ियों की आवाजाही रोकने के लिए घाटी और पहाड़ी ज़िलों में कुल 111 नाके और चेकपॉइंट बनाए गए हैं।

सुरक्षा बल रणनीतिक रूप से अहम इंफाल-जिरीबाम नेशनल हाईवे पर जरूरी सामान ले जाने वाले ट्रकों समेत गाड़ियों को एस्कॉर्ट भी दे रहे हैं।

यात्री और माल ढोने वाली गाड़ियों की सुरक्षित और बिना रुकावट आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए हाईवे के संवेदनशील हिस्सों में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम और काफिले की सुरक्षा जारी है।

मणिपुर पुलिस ने जनता से अफवाहों या बिना पुष्टि वाली जानकारी पर विश्वास न करने की अपील की है और लोगों को सलाह दी है कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैलने वाले फर्जी वीडियो और गुमराह करने वाले कंटेंट से सावधान रहें।

--आईएएनएस

डीकेएम/वीसी