नई दिल्ली, 25 अगस्त (आईएएनएस)। महाराष्ट्र सरकार में मत्स्य पालन एवं बंदरगाह विकास मंत्री नितेश राणे ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल से मुलाकात की। इस दौरान महाराष्ट्र में समुद्री और बंदरगाह क्षेत्र से जुड़ी आधारभूत संरचना विकास परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
नितेश राणे ने बताया कि महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड ने सागरमाला 2.0 कार्यक्रम के तहत कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रस्तावित की हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य बंदरगाह आधारित विकास को बढ़ावा देना, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को मजबूत करना, तटीय एवं अंतर्देशीय जलमार्गों का विस्तार करना, समुद्री पर्यटन को प्रोत्साहित करना और तटीय समुदायों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को गति देना है।
बैठक में राणे ने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया कि इन व्यवहारिक और विकासोन्मुख परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द मंजूरी दी जाए, ताकि राज्य में समुद्री बुनियादी ढांचे के विकास को गति मिल सके।
बैठक के दौरान नितेश राणे ने गेटवे ऑफ इंडिया स्थित जेट्टी नंबर-5 पर यात्रियों से वसूले जाने वाले 92.04 रुपए प्रति यात्री शुल्क को तर्कसंगत बनाने की मांग भी उठाई।
उन्होंने कहा कि मौजूदा शुल्क के कारण फेरी संचालकों और यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। शुल्क में कमी आने से समुद्री यातायात को बढ़ावा मिलेगा और यात्रियों को राहत मिलेगी।
नितेश राणे के अनुसार, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने दोनों मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वय से महाराष्ट्र में बंदरगाह, जलमार्ग और समुद्री पर्यटन से जुड़ी परियोजनाओं को नई गति मिलेगी, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था और तटीय क्षेत्रों के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
बता दें कि यह मुलाकात नई दिल्ली में हुई। इसके बाद नितेश राणे ने केंद्रीय शिक्षा, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण तथा नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी से भी मुलाकात की है।
इसके साथ ही नितेश राणे ने अपने भाई नीलेश राणे और पिता नारायण राणे के साथ पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से भी नई दिल्ली के कर्तव्य भवन में मुलाकात की। इस मौके पर महाराष्ट्र में मैकेनिकल ट्रॉलर और मछुआरों की सहकारी समितियों को मौजूदा खुदरा दरों पर डीजल उपलब्ध कराने के बारे में सकारात्मक चर्चा हुई।
इस मुलाकात को लेकर उन्होंने कहा कि डीजल की कीमतों में अंतर के कारण मछुआरों के मछली पकड़ने के अभियान और उनकी आमदनी पर असर पड़ रहा है। इसी संदर्भ में केंद्रीय मंत्री से हस्तक्षेप करने और मछुआरों के लिए उचित वित्तीय राहत सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया। इस फैसले से महाराष्ट्र के मछुआरा समुदाय को राहत मिलेगी और समुद्री मत्स्य पालन की आर्थिक व्यवहार्यता और स्थिरता को बढ़ाने में काफी मदद मिलेगी।
--आईएएनएस
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