हरिद्वार, 2 अगस्त (आईएएनएस)। कांवड़ यात्रा के आगे बढ़ने के साथ ही, उत्तराखंड के हरिद्वार में अधिकारियों ने साफ-सफाई, सुरक्षा और भीड़-प्रबंधन के बड़े इंतजाम किए हैं। इसका मकसद सालाना यात्रा को सुचारू रूप से चलाना और पवित्र शहर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित और परेशानी-मुक्त अनुभव देना है।
कांवड़ यात्रा 30 जुलाई को सावन के पवित्र महीने के पहले दिन शुरू हुई और 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि पर जल अभिषेक के साथ समाप्त होगी।
हर साल, इस यात्रा में देश भर से भगवान शिव के भक्त शामिल होते हैं। वे हरिद्वार में गंगा नदी से पवित्र जल लाते हैं और उसे उत्तर भारत के अलग-अलग हिस्सों में स्थित शिव मंदिरों तक ले जाते हैं।
हरिद्वार नगर आयुक्त नंदन कुमार ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, इसलिए हम बड़ी संख्या में शौचालयों की व्यवस्था करते हैं। हमने फिलहाल लगभग 300 एफआरपी और स्टील के शौचालय लगवाए हैं, साथ ही लगभग 60 मोबाइल शौचालय भी नगर निगम क्षेत्र में उपलब्ध रहेंगे। स्वच्छता भी एक प्रमुख आवश्यकता है, इसलिए हम चरणबद्ध तरीके से अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती करते हैं। व्यस्त समय के दौरान लगभग 900 अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों को तैनात किया जाता है।"
उन्होंने कहा कि नगर निगम ने घाटों, पार्किंग क्षेत्रों और प्रमुख तीर्थ मार्गों पर स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया है। आधुनिक सफाई उपकरणों का उपयोग करके निरंतर सफाई कार्य किया जा रहा है, साथ ही शहर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए अस्थायी शौचालयों की संख्या भी बढ़ा दी गई है।
नगर आयुक्त ने यह भी कहा कि आगामी कुंभ मेले से पहले, घाटों पर स्वच्छता प्रयासों को मजबूत करने के लिए लगभग 15 नई सफाई मशीनें शामिल की जाएंगी।
उन्होंने आगे कहा कि तीर्थयात्रियों को स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए गैर सरकारी संगठनों और स्वयंसेवकों के सहयोग से जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
श्रद्धालुओं से अपील करते हुए नगर आयुक्त ने उनसे घाटों या आसपास के क्षेत्रों में कूड़ा न फैलाने, प्लास्टिक का उपयोग कम करने और गंगा की पवित्रता को बनाए रखने में नगर निगम के साथ सहयोग करने का आग्रह किया।
तीर्थयात्रा के दौरान कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने हरिद्वार और आसपास के इलाकों में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए लगभग 6,000 कर्मियों को तैनात किया है।
प्रशासन ने कांवड़ मार्ग और प्रमुख आने-जाने के अहम बिंदुओं पर सीसीटीवी कैमरों और निगरानी टावरों का एक व्यापक नेटवर्क स्थापित करके निगरानी को भी मजबूत किया है। अधिकारियों ने तीर्थयात्रा की अवधि के दौरान निर्धारित कांवड़ मार्गों पर मांस और शराब की दुकानों पर सख्त प्रतिबंध भी लागू किया है।
हरिद्वार पुलिस कांवड़ यात्रा से संबंधित अफवाहें फैलाने या सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री साझा करने वाले व्यक्तियों पर लगातार नजर रख रही है।
आईएएनएस से बात करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह भुल्लर ने कहा, "सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे किसी भी वीडियो को शेयर करने से पहले उसकी प्रामाणिकता और स्रोत की जांच कर लें। कई बार दूसरे राज्यों के या पुराने वीडियो हरिद्वार के नाम पर वायरल कर दिए जाते हैं, जिससे अनावश्यक अफवाहें और भ्रम पैदा होता है। हम लगातार ऐसे कंटेंट को हटा रहे हैं और उन पोर्टल्स और आईडी की पहचान कर रहे हैं जो भ्रामक जानकारी फैला रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "हरिद्वार पुलिस की सोशल मीडिया टीम लगातार निगरानी कर रही है। अब तक लगभग 160 सोशल मीडिया अकाउंट और पोर्टल की पहचान की जा चुकी है और उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। इसके लिए 20 प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों की एक विशेष टीम तैनात की गई है, जो यूआरएल के माध्यम से अफवाहें फैलाने वालों की पहचान कर रही है।"
पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि तीर्थयात्रा के दौरान धार्मिक भावनाओं को भड़काने या झूठी और भ्रामक जानकारी फैलाने का प्रयास करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
हर साल कांवड़ यात्रा के दौरान, लाखों कांवड़िया हरिद्वार, ऋषिकेश और अन्य पूजनीय तीर्थ केंद्रों से पवित्र गंगाजल एकत्र करते हैं और फिर भक्ति के प्रतीक के रूप में इसे पैदल चलकर उत्तरी भारत के शिव मंदिरों तक ले जाते हैं।
सावन शिवरात्रि को कांवड़ यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है, जब भक्त शिवलिंग पर पवित्र गंगाजल अर्पित करके पवित्र जलाभिषेक करते हैं। इस वर्ष यह अनुष्ठान 11 अगस्त को होगा, जो यात्रा के समापन और भक्तों द्वारा महीने भर चलने वाले धार्मिक अनुष्ठानों के सफल समापन का प्रतीक होगा।
--आईएएनएस
एएसएच/पीएम






