केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कर्नाटक के पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती 'घोटाले' की सीबीआई जांच की मांग की

केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कर्नाटक के पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती 'घोटाले' की सीबीआई जांच की मांग की

नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम और श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) द्वारा पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में कथित बड़े पैमाने पर अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर तत्काल सीबीआई जांच की मांग की है।

2 अगस्त की तारीख वाले औपचारिक पत्र में मंत्री ने भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग, भर्ती प्रक्रिया में हेरफेर और आपराधिक साजिश के आरोपों पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अगर इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया गया तो सरकारी नौकरियों की प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता और ईमानदारी पर लोगों का भरोसा बुरी तरह कमजोर होगा।

करंदलाजे ने पत्र में लिखा, "आरोपों की प्रकृति से पता चलता है कि इसमें बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं, जिनमें अवैध रूप से पैसे का लेन-देन और भर्ती प्रक्रिया का व्यवस्थित दुरुपयोग शामिल हो सकता है।" उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी के लिए प्रयास कर रहे लाखों योग्य उम्मीदवार एक ऐसी भर्ती प्रणाली के हकदार हैं जो भ्रष्टाचार और अनुचित प्रभाव से मुक्त हो।

मंत्री ने संवैधानिक पहलुओं का जिक्र करते हुए कहा कि केपीएससी की साख संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 के तहत सार्वजनिक रोजगार में समानता की गारंटी के लिए जरूरी है। इसके कामकाज में कोई भी समझौता न सिर्फ योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय है, बल्कि संवैधानिक संस्थाओं और कानून के शासन में जनता के भरोसे को भी कमजोर करता है।

आरोपों की गंभीरता और बड़े जनहित को देखते हुए करंदलाजे ने जोर दिया कि सीबीआई से निष्पक्ष, स्वतंत्र और व्यापक जांच कराई जानी चाहिए। उनके अनुसार ऐसी जांच से साजिश का पूरा दायरा सामने आएगा, इसमें शामिल सभी लोगों की पहचान होगी, अवैध पैसे के लेन-देन का पता चलेगा और लोक सेवकों व बिचौलियों की भूमिका की भी जांच होगी, ताकि बिना किसी डर या पक्षपात के जवाबदेही तय की जा सके।

उन्होंने गृह मंत्री से अनुरोध किया कि न्याय, पारदर्शिता और संवैधानिक संस्थाओं में जनता के भरोसे के हित में केपीएससी के पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती में अनियमितताओं की जांच जल्द से जल्द CBI को सौंपी जाए। पत्र के अंत में उन्होंने त्वरित और सकारात्मक कार्रवाई का आग्रह किया है।

--आईएएनएस

डीएससी