झारखंड का कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा जामताड़ा में पुलिस मुठभेड़ में ढेर, 50 से अधिक मामले थे दर्ज

झारखंड का कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा जामताड़ा में पुलिस मुठभेड़ में ढेर, 50 से अधिक मामले थे दर्ज

रांची/जामताड़ा, 2 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड का कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा रविवार देर रात जामताड़ा जिले में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया है। आधिकारिक पुलिस सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उसे साहिबगंज मंडल कारा से धनबाद जेल स्थानांतरित किया जा रहा था। इसी दौरान उसने कथित तौर पर पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर भागने और फायरिंग करने की कोशिश की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया। बताया जा रहा है कि कैदी वाहन जामताड़ा जिले से गुजर रहा था। रास्ते में सुजीत सिन्हा ने शौच जाने की बात कही, जिस पर वाहन रोका गया। इसी दौरान उसने कथित रूप से वाहन में तैनात एक पुलिसकर्मी का हथियार छीन लिया और भागने का प्रयास करते हुए गोलीबारी शुरू कर दी।

पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर उसकी मौत हो गई। घटना के बाद फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार है।

सुजीत सिन्हा मूल रूप से पलामू जिले के मेदिनीनगर क्षेत्र का रहने वाला था। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, अपहरण, आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। पिछले दो दशकों के दौरान उसने झारखंड के धनबाद, रामगढ़, रांची, पलामू, लातेहार, चतरा, हजारीबाग और अन्य जिलों में सक्रिय अपराध नेटवर्क खड़ा किया था।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसने अपने आपराधिक जीवन की शुरुआत कुख्यात अपराधी सुशील श्रीवास्तव गिरोह से की थी। बाद में उसने अपना अलग गैंग बनाया और कोयला कारोबारियों, ठेकेदारों, बिल्डरों तथा अन्य व्यवसायियों से रंगदारी वसूलने का नेटवर्क खड़ा कर लिया।

जांच एजेंसियों के अनुसार, वह लंबे समय तक जेल में रहने के बावजूद अपने सहयोगियों के माध्यम से गिरोह का संचालन करता रहा। हाल के वर्षों में झारखंड पुलिस ने उसके गिरोह के खिलाफ कई अभियान चलाए थे और उसके नेटवर्क से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया था।

--आईएएनएस

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