श्रीनगर, 1 अगस्त (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर अपराध शाखा की ईओडब्ल्यू ने शनिवार को कहा कि उसने सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के 3.11 करोड़ रुपये के गबन मामले में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है।
क्राइम ब्रांच के एक बयान में कहा गया है कि ईओडब्ल्यू कश्मीर ने धोखाधड़ी, जालसाजी, जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल और आपराधिक साजिश से संबंधित अपराधों के लिए धारा 420, 468, 471 और 120-बी आरपीसी के तहत आरोप पत्र दाखिल किया है।
यह जांच जम्मू-कश्मीर के तत्कालीन रजिस्ट्रार, सहकारी समितियों के एक पत्र के आधार पर शुरू की गई थी, जिसमें बारामूला स्थित सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक की विभिन्न शाखाओं में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं और गबन का आरोप लगाया गया था।
जांच में यह बात सामने आई कि लंगेट शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने अन्य आरोपियों के साथ मिलीभगत करके फर्जी ऋणों को धोखाधड़ी से स्वीकृत किया और अपने अधिकार क्षेत्र से कहीं अधिक ओवरड्राफ्ट की अनुमति दी, जिसके परिणामस्वरूप बैंक की लगभग 3.11 करोड़ रुपये की धनराशि का गबन हुआ।
जांच में यह भी पता चला कि आरोपियों ने धोखाधड़ीपूर्ण लेन-देन को अंजाम देने के लिए आपराधिक साजिश रची थी, जिससे बैंक को भारी नुकसान हुआ। आरोप सिद्ध हो गए हैं और तदनुसार, सक्षम न्यायालय के समक्ष आरोप पत्र प्रस्तुत कर दिया गया है।
मामले में आरोपपत्र दाखिल किए गए आरोपी गुलाम मोहम्मद बेग (सेवानिवृत्त शाखा प्रबंधक), गुलाम मोहि-उद-दीन बेग का बेटा, केन्याल तारथपोरा, हंदवाड़ा का निवासी; और अब्दुल हामिद गोजरी (कैशियर-कम-क्लर्क), गुंड करीम खान, राफियाबाद के निवासी अब्दुल रज्जाक गोजरी के पुत्र हैं।
अपराध शाखा ने जनता को आर्थिक धोखाधड़ी के प्रति सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना एसएसपी, ईओडब्ल्यू कश्मीर को देने की सलाह दी है।
ईओडब्ल्यू उन वित्तीय अपराधों की जांच करता है जिनके लिए अदालत में अभियोजन के लिए सबूत जुटाने हेतु समर्पित जांच और तकनीकी विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है।
--आईएएनएस
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