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जादवपुर विवाद से लेकर ममता बनर्जी के राजनीतिक भविष्य तक, राहुल सिन्हा ने टीएमसी को घेरा

जादवपुर

कोलकाता, 25 अगस्त (आईएएनएस)। जादवपुर यूनिवर्सिटी विवाद, तृणमूल कांग्रेस के भीतर सांसदों के बागी तेवर, सुप्रीम कोर्ट में अभिषेक बनर्जी की याचिका, ममता बनर्जी के राजनीतिक भविष्य समेत कई मुद्दों पर भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी पर जुबानी हमला किया। उन्होंने जादवपुर विश्वविद्यालय में कथित माओवादी और नक्सली गतिविधियों का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा हर ताकत से लड़कर विश्वविद्यालय में दोबारा शिक्षा का माहौल स्थापित करेगी।

जादवपुर विश्वविद्यालय विवाद पर राहुल सिन्हा ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय परिसर में भारत-विरोधी गतिविधियां हो रही हैं। माओवादी और नक्सलवादी ताकतों ने वहां अपना प्रभाव बना लिया है। विवाद इस बात पर केंद्रित नहीं होना चाहिए कि परिसर में कौन घुसा था, बल्कि इस बात पर होना चाहिए कि विश्वविद्यालय में कथित तौर पर देश-विरोधी गतिविधियां कौन चला रहा है। शिक्षा संस्थान पर किसी भी ऐसी विचारधारा का कब्जा नहीं होना चाहिए, जिसे वह भारत-विरोधी मानते हैं। विश्वविद्यालय को ऐसी गतिविधियों से मुक्त कराना जरूरी है।

राहुल सिन्हा ने कहा कि जिस तरह देश के अन्य हिस्सों से माओवाद को खत्म करने की बात की गई है, उसी तरह जादवपुर विश्वविद्यालय से भी कथित माओवादी प्रभाव को समाप्त किया जाएगा। भाजपा हर स्तर पर संघर्ष करेगी और विश्वविद्यालय में फिर से शिक्षा के अनुकूल वातावरण बनाने का प्रयास करेगी।

तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों के मामले को लेकर अभिषेक बनर्जी के सुप्रीम कोर्ट जाने के सवाल पर राहुल सिन्हा ने कहा कि यह तृणमूल कांग्रेस का आंतरिक मामला है और अदालत इस पर विचार करेगी। भाजपा इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करना चाहती। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग अपनी पार्टी को संभाल नहीं पा रहे हैं, वे दूसरी पार्टियों के नेताओं और सदस्यों को पद छोड़ने की सलाह कैसे दे सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा स्थिति के लिए ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की नीतियां जिम्मेदार हैं।

भाजपा के पुराने दौर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि एक समय भाजपा के पास संसद में केवल दो सीटें थीं, लेकिन उस समय भी पार्टी का संगठन खत्म नहीं हुआ। चुनावी हार-जीत राजनीतिक दलों का हिस्सा है, लेकिन किसी पार्टी के बड़ी संख्या में सांसदों, विधायकों और नेताओं के अलग होने की स्थिति गंभीर संगठनात्मक संकट को दर्शाती है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में जो भी फैसला देगा, संबंधित पक्षों को उसका पालन करना होगा। भाजपा का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है और पार्टी इसमें ज्यादा हस्तक्षेप नहीं करना चाहती।

अभिषेक बनर्जी को तीन अन्य एफआईआर में कलकत्ता हाईकोर्ट से अंतरिम संरक्षण मिलने के सवाल पर राहुल सिन्हा ने कहा कि अंतरिम संरक्षण को स्थायी राहत नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि अंतरिम प्रोटेक्शन का मतलब स्थायी सुरक्षा नहीं है। पहले भी कई लोगों को इस तरह का अंतरिम संरक्षण मिला है और बाद में उनमें से कुछ लोग जेल भी गए हैं। कानूनी प्रक्रिया चलती रहती है और अंतरिम राहत के आधार पर किसी व्यक्ति के मामले का अंतिम परिणाम तय नहीं किया जा सकता। स्थायी राहत और अंतरिम राहत में अंतर है और अदालत की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

ममता बनर्जी के उस बयान पर भी राहुल सिन्हा ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने फेसबुक लाइव के जरिए कहा था कि वह राजनीति से संन्यास नहीं ले रही हैं और भाजपा के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी। सिन्हा ने कहा कि जनता ने ममता बनर्जी को राजनीति से संन्यास लेने और रिटायर होने का संदेश दिया है। जनता के जनादेश को मानना या नहीं मानना ममता बनर्जी पर निर्भर है।

उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के संगठन को लेकर भी सवाल उठाए और दावा किया कि पार्टी में नेताओं, कार्यकर्ताओं, सांसदों और विधायकों की कमी हो गई है। उन्होंने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी पर पार्टी को परिवार-केंद्रित बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि आज जो नेता पार्टी के साथ दिखाई दे रहे हैं, उनके राजनीतिक संबंध भी भविष्य में बदल सकते हैं।

चीनी की बढ़ती कीमतों के सवाल पर भाजपा सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस दिशा में कदम उठाए हैं और आने वाले समय में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो जाएगी। चीनी की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कहते हुए राहुल सिन्हा ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति या समूह कृत्रिम रूप से कीमतें बढ़ाने या कालाबाजारी में शामिल है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

--आईएएनएस

पीएसके