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सीबीआई ने दो घोषित अपराधियों को किया गिरफ्तार, एक की 17 और दूसरे की 4 साल से थी तलाश

फरार

नई दिल्ली, 25 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बैंक धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे दो घोषित अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जितेंद्र कुमार और पूजा पाहवा के रूप में हुई है, जो 17 वर्ष और 4 वर्ष से कानून की पकड़ से बाहर थे।

सीबीआई के अनुसार, आरोपी जितेंद्र कुमार वर्ष 2002-03 में जीआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड से फर्जी एवं जाली वेतन प्रमाणपत्रों के आधार पर होम लोन लेने के मामले में शामिल था। इस धोखाधड़ी से वित्तीय संस्था को लगभग 65.90 लाख रुपए का नुकसान हुआ था। ऋण वितरण के तुरंत बाद ही खाता एनपीए घोषित हो गया था।

मामले में वर्ष 2006 में जितेंद्र कुमार सहित 19 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया था। हालांकि, आरोपी ने 2009 से न्यायालय में पेश होना बंद कर दिया और लगातार फरार रहा। जनवरी 2013 में उसे घोषित अपराधी घोषित किया गया था। सीबीआई के लगातार प्रयासों के बाद उसे मंगलवार को नई दिल्ली के द्वारका मोड़ क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया। उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सक्षम न्यायालय में पेश किया जाएगा।

दूसरे मामले में गिरफ्तार की गई पूजा पाहवा पर इंडियन ओवरसीज बैंक से प्राप्त कैश क्रेडिट सुविधा का दुरुपयोग और धन की हेराफेरी करने का आरोप है। जांच में सामने आया कि फर्जी और जाली दस्तावेजों के आधार पर यह सुविधा प्राप्त की गई थी, जिससे बैंक को 10.16 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। संबंधित खाता वर्ष 2012 में एनपीए घोषित कर दिया गया था।

सीबीआई ने वर्ष 2017 में पूजा पाहवा सहित छह आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था। बाद में चार बैंक अधिकारियों के खिलाफ भी पूरक आरोपपत्र दाखिल किया गया, जिन पर लाभार्थी कंपनी और अन्य आरोपियों के साथ साजिश रचने का आरोप है।

पूजा पाहवा वर्ष 2022 से अदालत में पेश नहीं हो रही थी और वर्ष 2023 में उसे घोषित अपराधी घोषित किया गया था। सीबीआई ने लगातार खुफिया जानकारी जुटाने और विशेष अभियान चलाने के बाद उसे 4 अगस्त को पंजाब के लुधियाना से गिरफ्तार किया। वर्तमान में वह न्यायिक हिरासत में है।

सीबीआई ने कहा है कि आर्थिक अपराधों में शामिल आरोपियों को कानून के दायरे में लाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। एजेंसी ने दोहराया कि बैंक धोखाधड़ी और वित्तीय अपराधों में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें न्याय के कटघरे तक पहुंचाने के लिए अभियान जारी रहेगा।

--आईएएनएस

एएमटी/एबीएम