रायबरेली, 16 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री मनोज पांडे ने समाजवादी पार्टी के चीफ अखिलेश यादव की आलोचना की कि उन्होंने रानी अवंतीबाई लोधी को श्रद्धांजलि दी जबकि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर कथित तौर पर उन्हें पुष्पांजलि नहीं दी। उन्होंने इस कदम पर सवाल उठाया और उन पर राजनीतिक हमला बोला।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव कल्याण सिंह के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुए। इसे लेकर कैबिनेट मंत्री मनोज पांडे ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से कहा, "मैंने कई बार कहा है कि देश के महापुरुषों को जात, धर्म और पार्टी के नाम पर अलग करके देखना या सम्मान जोड़ना, बहुत बड़ा दुर्भाग्य है। ये उन लोगों का दुर्भाग्य है, जो ऐसा सोचते हैं। बाबू कल्याण सिंह इस देश के सनातन और हिंदुत्व के प्रतीक हैं। अटल बिहारी वाजपेयी, भारत की अस्मिता, सम्मान, देश की अखंडता और प्रगति के प्रतीक रहे हैं। उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया।"
उन्होंने कहा, "हम ये कैसे भूल सकते हैं कि अटल बिहारी वाजपेयी ने लोकतंत्र में विपक्ष को सम्मान कैसे दिया जा सकता है, साथ कैसे लेकर चला जा सकता है, यह अगर सीखना हो तो हम उनके व्यक्तित्व से सीख सकते हैं। ऐसे लोगों की मानसिकता को प्रलक्षित करता है।"
मनोज पांडे ने कहा कि ये लोग ब्राह्मणों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करतें तो कभी अटल बिहारी वाजपेयी का अपमान करते हैं, कभी पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की बात करते हैं, तो कभी पीडीए समाज और सनातन के प्रतीक रहे पूर्व सीएम कल्याण सिंह का अपमान करते हैं। ऐसे लोगों की कलई खुल रही है। उनकी छोटी मानसिकता और छोटा दिल सबके सामने आ रहा है।
उन्होंने कहा, "अटल बिहारी वाजपेयी को भारत रत्न दिया गया। उन्होंने देश में नदियों को नदियों से, सड़कों को सड़कों से जोड़ने का अभियान चलाया। उन्होंने लोकतंत्र कैसा होना चाहिए, इसे करके दिखाया। जिनकी पूरी दुनिया सम्मान करती रही हो, जो सबको साथ लेकर प्रधानमंत्री बने, ऐसे लोगों को भी अगर दलों में विभाजित करके कोई बात सोची जाएगी तो ये उन लोगों का दुर्भाग्य है।"
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