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बिहार: पटना में छात्रों का प्रदर्शन हुआ हिंसक, डीएसपी घायल

बिहार:

पटना, 25 अगस्त (आईएएनएस)। पटना में मंगलवार को बीपीएससी टीआरई-4 परीक्षा को सिंगल-स्टेज करने और नेगेटिव मार्किंग हटाने जैसी मांगों को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन तनावपूर्ण हो गया। प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए पुलिस को वॉटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल करना पड़ा।

कई छात्रों को हिरासत में लिया गया, जबकि पत्थरबाजी में टाउन डीएसपी कामाख्या नारायण सिंह घायल हो गए।

प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को संवेदनशील सरकारी इलाकों तक पहुंचने से रोकने के लिए गांधी मैदान से डाकबंगला क्रॉसिंग तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। गांधी मैदान के पास जेपी गोलंबर पर बैरिकेड लगाए गए थे, लेकिन खबर है कि बड़ी संख्या में छात्र उन्हें तोड़कर डाकबंगला क्रॉसिंग तक पहुंच गए।

जैसे-जैसे प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ी, पुलिस ने शुरू में उन्हें पीछे हटने के लिए मनाने की कोशिश की। हालांकि, छात्र अपनी जगह पर डटे रहे और अपनी मांगों को लेकर नारे लगाते रहे।

इसके बाद पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने अपना प्रदर्शन जारी रखा। पानी की बौछार के बावजूद कुछ छात्रों को नारे लगाते और तिरंगा लहराते देखा गया।

एक अनोखे नजारे में एक प्रदर्शनकारी वॉटर कैनन के नीचे खड़े होकर शैंपू लगाने लगा और बाद में सिर पर शैंपू लगे हुए ही पुलिसकर्मियों के पास पहुंच गया।

हालात बिगड़ गए और पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की खबरें आईं। भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश में पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। टकराव के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पत्थर फेंके, जिससे टाउन डीएसपी कामाख्या नारायण सिंह घायल हो गए।

एक छात्रा के सिर में भी चोट आई और उसे इलाज के लिए गार्डिनर रोड अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और शुरू में उन्हें सचिवालय थाने ले गई। बाद में उन्हें एयरपोर्ट थाने भेज दिया गया।

डाकबंगला क्रॉसिंग पर भीषण गर्मी के बीच एक महिला पुलिस अधिकारी बेहोश हो गईं।

हालात का जायजा लेने के लिए जिला मजिस्ट्रेट कुंदन कुमार, एसएसपी कार्तिकेय शर्मा और जोनल आईजी जितेंद्र राणा समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारी लगभग दो घंटे तक डाकबंगला क्रॉसिंग पर डटे रहे और इलाके को खाली कराने की पुलिस की बार-बार की कोशिशों के बावजूद हटने से इनकार कर दिया।

छात्र भर्ती से जुड़े कई मुद्दों को लेकर विरोध कर रहे हैं। उनकी बीपीएससी टीआरई-4 से जुड़ी मुख्य मांगों में टीआरई-4 परीक्षा को एक ही चरण में आयोजित करना, नेगेटिव मार्किंग खत्म करना और भर्ती प्रक्रिया में ज्यादा पारदर्शिता लाना शामिल है। उन्होंने सरकारी भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी अन्य लंबित मांगों पर भी अपनी बात रखी।

इस बीच, बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि सरकार ने छात्रों की 'लगभग सभी' मांगें पहले ही मान ली हैं। उन्होंने कहा कि अगर छात्रों को और कोई बात कहनी है तो सरकार के साथ बातचीत के सभी रास्ते खुले हैं।

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी