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बिहार: जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल पहुंचे निशांत कुमार, विशेष जांच शिविर में हुए शामिल

बिहार स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने जयप्रभा मेदांता हॉस्पिटल का किया दौरा, बाल हृदय योजना का लिया जायजा
बिहार: जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल पहुंचे निशांत कुमार, विशेष जांच शिविर में हुए शामिल

पटना, 2 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने रविवार को पटना के जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल पहुंचे। वो यहां बाल हृदय योजना के तहत आयोजित विशेष जांच शिविर में शामिल हुए।

इस दौरान उन्होंने कहा कि कहा कि बाल हृदय योजना के तहत एक विशेष स्क्रीनिंग शिविर 2 अगस्त को पटना के जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आयोजित किया जाएगा। यहां 34 जिलों के 280 बच्चों की हृदय संबंधी जांच की जाएगी।

उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मेदांता के प्रबंधन ने जांच शिविर का आयोजन किया है, इसके लिए आयोजनकर्ता बधाई के पात्र हैं। इसके माध्यम से छोटे बच्चों के दिल में छेद जैसी बीमारियों को पता लगाया जाए और उसका उपचार हो। उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत तत्कालीन मुख्यमंत्री नितीश कुमार द्वारा 4 अप्रैल 2021 की गई थी। अब तक मेदांता ने 574 केसों में दिल में छेद वाले बच्चों का इलाज किया है। दिल में छेद वाले बच्चों का इलाज चार जगहों पर किया जाता है, जिनमें आईजीआईसी पटना, सत्यसाईं हॉस्पिटल अहमदाबाद, मेदांता और आईजीएमएस है। अब 3165 बच्चों का इलाज किया जा चुका है।

निशांत कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में जानकारी देते हुए बताया कि आज मैं पटना के जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल पहुंचा था। यहां बाल हृदय योजना के तहत आयोजित विशेष जांच शिविर में शामिल हुआ। राज्य के 34 जिलों से आए 280 बच्चों की चिकित्सकों ने जांच की। मैंने शिविर की पूरी व्यवस्था देखी, डॉक्टरों से उपचार की पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली और बच्चों व उनके परिजनों से भी बातचीत की।

उन्होंंने कहा कि सात निश्चय-2 के तहत संचालित इस योजना के माध्यम से अब तक 3,165 बच्चों को निःशुल्क उपचार मिल चुका है। यह योजना हजारों परिवारों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बिहार के स्वास्थ्य मंत्री के रूप में मैं पूरी स्वास्थ्य टीम की सराहना करता हूं। विश्वास है कि यही समर्पण आगे भी बना रहेगा। हम सब मिलकर हर जरूरतमंद बच्चे तक समय पर बेहतर इलाज पहुंचाने की मुहिम चलाते रहेंगे।

--आईएएनएस

एमएस/