पटना, 1 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा आयोजित गृह रक्षा वाहिनी सेवा संवर्ग के अधिनायक अनुदेशक (हवलदार अनुदेशक) भर्ती परीक्षा के कथित प्रश्नपत्र लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में राज समदर्शी उर्फ राजा, अभिषेक कुमार और बायोमीट्रिक सुपरवाइजर नितेश कुमार शामिल हैं। तीनों को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, मामले में शामिल अन्य आरोपियों और पूरे नेटवर्क की भूमिका की भी जांच जारी है।
आर्थिक अपराध इकाई की ओर से शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आर्थिक अपराध थाना में 30 जुलाई को दर्ज एक प्राथमिकी के तहत बिहार लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 की धाराओं 10 और 11(1) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। यह प्राथमिकी हवलदार अनुदेशक भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़ा है।
ईओयू के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में पटना जिले के विक्रम थाना क्षेत्र के करसा निवासी राज समदर्शी उर्फ राजा, वैशाली जिले के सदर थाना क्षेत्र के सेदपुर रजौली निवासी अभिषेक कुमार तथा वैशाली जिले के नगर थाना क्षेत्र के कटरा निवासी नितेश कुमार शामिल हैं। नितेश कुमार परीक्षा में बायोमीट्रिक सुपरवाइजर के रूप में कार्यरत था। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, नगर थाना हाजीपुर में दर्ज एक अन्य मामले की जांच के दौरान सूचना मिली थी कि आरोपी राज समदर्शी हाजीपुर परीक्षा केंद्र पर आयोजित हवलदार अनुदेशक परीक्षा में शामिल होने वाला है। इसके बाद उसे परीक्षा केंद्र के पास से हिरासत में लिया गया।
पूछताछ के दौरान उसने परीक्षा में अनुचित साधनों का उपयोग करने की बात स्वीकार की और अपने सहयोगी के रूप में अभिषेक कुमार का नाम बताया। उसने यह भी स्वीकार किया कि अप्रैल 2026 में आयोजित एईडीओ परीक्षा में भी उसने अनुचित साधनों का इस्तेमाल किया था। जांच में यह भी सामने आया कि बायोमीट्रिक सुपरवाइजर नितेश कुमार के माध्यम से परीक्षा के प्रश्नों के उत्तर राज समदर्शी तक पहुंचाए जा रहे थे। जांच के दौरान राज समदर्शी और अभिषेक कुमार के मोबाइल फोन की जांच की गई, जिसमें परीक्षा से संबंधित एडमिट कार्ड, उत्तर पत्रक और अन्य दस्तावेज मिले।
मोबाइल की गैलरी और डिजिटल साक्ष्यों से यह भी पता चला कि उत्तर पत्रक परीक्षा के दौरान दोपहर 12 बजकर 21 मिनट पर भेजा गया था। ईओयू ने इन साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक कराने वाले गिरोहों तथा इस अवैध गतिविधि से आर्थिक लाभ कमाने वाले व्यक्तियों और समूहों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
आर्थिक अपराध इकाई ने बताया कि मामले के अन्य पहलुओं की भी गहन जांच की जा रही है। साथ ही, इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान, उनकी भूमिका के सत्यापन और उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी जारी है।