रांची, 25 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने जेपीएससी और जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में धांधली के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए मंगलवार को प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
मरांडी भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ रांची सदर अंचलाधिकारी सह दंडाधिकारी के कार्यालय पहुंचे और पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।
मरांडी ने अधिकारियों को सरकार की कठपुतली नहीं बनने और कानून के मुताबिक निष्पक्ष कार्रवाई करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि छात्रों ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत शांतिपूर्ण तरीके से पुतला दहन किया था। इस दौरान कुछ लोगों ने कार्यक्रम में व्यवधान डाला और छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार किया। इसके बावजूद कार्रवाई छात्रों के खिलाफ की गई, जबकि उन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई जिन्होंने कथित तौर पर हंगामा और गुंडागर्दी की।
उन्होंने कहा कि घटना से जुड़े कई वीडियो और अन्य साक्ष्य सोशल मीडिया पर मौजूद हैं। इन वीडियो से यह स्पष्ट हो सकता है कि घटना के दौरान कौन लोग हंगामा कर रहे थे। ऐसे में दंडाधिकारी को निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए पहले उन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करनी चाहिए थी, जिन्होंने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का काम किया।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कोई भी अधिकारी सरकार की कठपुतली बनकर काम न करे। अधिकारियों को कानून और विधि सम्मत तरीके से अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि दंडाधिकारी ने इस मामले में एकतरफा कार्रवाई की है और ऐसा प्रतीत होता है कि वे सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं। मरांडी ने आरोप लगाया कि घटना के दिन जेएमएम से जुड़े लोगों ने कथित तौर पर छात्रों के कार्यक्रम में हंगामा किया, लेकिन मुकदमा छात्रों पर दर्ज किया जा रहा है।
उन्होंने सदर सीओ सह दंडाधिकारी से ऐसे लोगों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज करने और पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई तो भाजपा कार्यकर्ता दंडाधिकारी के कार्यालय के समक्ष धरना देंगे।
इस दौरान भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, विधायक सीपी सिंह, योगेंद्र प्रताप सिंह, वरुण साहू सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
--आईएएनएस
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