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102 तालुकों में सूखे जैसे हालात, केंद्र को रिपोर्ट सौंपी जाएगी: कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री

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बेंगलुरु, 25 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने मंगलवार को कहा कि राज्य के 102 तालुक अभी सूखे जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं और इस स्थिति पर एक विस्तृत रिपोर्ट अगस्त के अंत तक केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी।

बेंगलुरु में जी. परमेश्वर ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सरकार हर सप्ताह सूखे की स्थिति की समीक्षा कर रही है और जमीनी स्तर पर की गई जांच (ग्राउंड-ट्रूथिंग) के नतीजों पर कैबिनेट में चर्चा करेगी।

उन्होंने कहा, "सूखा घोषित करने के तय नियमों के अनुसार, अभी 102 तालुका सूखे की स्थिति का सामना कर रहे हैं। हम कैबिनेट में जमीनी स्तर पर की गई जांच के नतीजों पर चर्चा करेंगे। हम हर सप्ताह स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। इस महीने के आखिर तक केंद्र सरकार को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाएगी।"

इस बीच मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि केंद्र सरकार ने कर्नाटक के सूखा प्रभावित इलाकों में फसल बीमा के लिए रजिस्ट्रेशन की समय-सीमा बढ़ा दी है। इससे पहले, कर्नाटक सरकार ने केंद्र को पत्र लिखकर समय-सीमा बढ़ाने की मांग की थी।

उपमुख्यमंत्री परमेश्वर ने आगे कहा कि मंगलवार को मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और विधायकों के बीच इस मुद्दे पर चर्चा हुई।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कई विधायक अपने निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए मुख्यमंत्री से मिलना चाह रहे थे, इसलिए शिवकुमार विधायकों से समूहों में मिले, उनकी बातें सुनीं और उनके समाधान के उपायों पर चर्चा की।

यह पूछे जाने पर कि क्या सिर्फ कांग्रेस विधायकों को ही बुलाया गया है, परमेश्वर ने कहा कि सत्ताधारी पार्टी की जिम्मेदारी है कि वह एकजुट रहे और स्वाभाविक रूप से उसके विधायकों को ज्यादा अहमियत दी जाती है।

उन्होंने कहा, "लोगों ने हमें चुना है और उन्हें सत्ताधारी पार्टी से उम्मीदें हैं, इसलिए स्वाभाविक रूप से ज्यादा मौके मिलेंगे।"

सरकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने और आने वाले स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारी के लिए मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपने पर परमेश्वर ने कहा कि हर जिले के लिए एक मंत्री नियुक्त किया गया है।

उन्होंने कहा, "इन मंत्रियों की दो जिम्मेदारियां हैं। उन्हें पार्टी का काम भी करना है और विकास कार्य भी। जिला मंत्रियों के तौर पर वे पार्टी से जुड़े मुद्दों को देखेंगे और विकास कार्यों की निगरानी करेंगे। यह लंबे समय से होता आ रहा है।"

हनूर मामले को आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) को सौंपने के फैसले पर परमेश्वर ने कहा कि जब किसी घटना को लेकर संदेह होता है तो सरकार आम तौर पर मामले सीआईडी को सौंप देती है।

उन्होंने कहा, "जब भी ऐसी घटनाएं होती हैं और सरकार को संदेह होता है तो मामले को सीआईडी को सौंप दिया जाता है। यह मामला भी उसी तरह सौंपा गया है। इसमें कुछ भी नया नहीं है।"

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी