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अटारी-वाघा सीमा पर फिर से शुरू हुआ कारोबार

अटारी-वाघा सीमा से फिर शुरू हुआ व्यापार, भारत-अफगानिस्तान व्यापार में आई तेजी
India Pakistan trade resumes

अटारी: जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार पूरी तरह ठप हो गया था, लेकिन अटारी-वाघा सीमा के रास्ते पुनः खुलने से व्यापारिक गतिविधियां फिर से चलने लगी हैं। इस सीमा के माध्यम से भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाला व्यापार फिर से गति पकड़ रहा है। पाकिस्तानी सीमा पर फंसे ट्रकों के विवाद के बाद अटारी-वाघा सीमा के माध्यम से भारत में प्रवेश की अनुमति दी गई। इसके बाद लगभग 50 ट्रक और भारतीय ट्रकों ने सीमा पार करके व्यापारिक गतिविधियों को फिर से जीवंत किया। भारत और अफगानिस्तान के बीच यह मार्ग सूखे मेवों और जड़ी-बूटियों के आयात के लिए महत्वपूर्ण है। इसके बंद हो जाने से व्यापारियों को बड़ा नुकसान हुआ था, लेकिन अब उन्हें राहत मिली है। इस सीमा के खुलने से व्यापारियों में आर्थिक सुधार होने की उम्मीद है। भारत और अफगानिस्तान के बीच व्यापार का यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है। अटारी-वाघा सीमा भारत और तालिबान शासित अफगानिस्तान के बीच एकमात्र स्वीकृत व्यापारिक भूमि मार्ग है। भारत अफगानिस्तान से मुख्य रूप से सूखे मेवे और जड़ी-बूटियां आयात करता है, जो अधिकतर कंधार और काबुल से आते हैं। इस मार्ग के बंद होने से न केवल व्यापारियों को आर्थिक नुकसान हुआ, बल्कि बाजार में इन सामानों की उपलब्धता पर भी असर पड़ा।