‘रोल नंबर नॉट फाउंड’ से न घबराए छात्र, सीबीएसई ने दी जानकारी

‘रोल नंबर नॉट फाउंड’ से न घबराए छात्र, सीबीएसई ने दी जानकारी

नई दिल्ली, 8 जून (आईएएनएस)। सीबीएसई की पोस्ट-रिजल्ट सेवाओं के दौरान कई छात्रों और अभिभावकों को पोर्टल पर ‘रोल नंबर नॉट फाउंड’ का मैसेज दिखाई देने के बाद भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी। अब बोर्ड ने इस पूरे मामले पर विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया है।

बोर्ड ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि यह किसी तकनीकी खराबी का परिणाम नहीं था, बल्कि पात्रता से जुड़ा मामला था। बोर्ड के अनुसार, 2 जून से 7 जून तक सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन विंडो पूरी तरह सुचारु रूप से संचालित हुई। इस दौरान 1.6 लाख से अधिक छात्रों ने 3.8 लाख से ज्यादा उत्तर पुस्तिकाओं के संबंध में आवेदन दर्ज किए। आवेदन प्रक्रिया की निगरानी सरकारी तकनीकी एजेंसियों और आईआईटी की विशेषज्ञ टीमों ने की।

सीबीएसई ने बताया कि पूरी अवधि के दौरान साइबर सुरक्षा टीमें लगातार सक्रिय रहीं और पोर्टल को किसी भी प्रकार के साइबर हमले या दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों से सुरक्षित रखा गया। वहीं, हेल्पडेस्क और शिकायत निवारण तंत्र के माध्यम से छात्रों को लगातार सहायता भी उपलब्ध कराई गई।

बोर्ड ने स्पष्ट किया कि ‘रोल नंबर नॉट फाउंड’ संदेश केवल उन छात्रों को दिखाई दिया जिन्होंने पोस्ट-रिजल्ट प्रक्रिया के पहले चरण, यानी उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए आवेदन नहीं किया था। चूंकि सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन की सुविधा केवल उन्हीं अभ्यर्थियों के लिए उपलब्ध थी जिन्होंने पहले चरण में आवेदन किया था, इसलिए अन्य छात्रों के रोल नंबर अगले चरण में मान्य नहीं थे।

सीबीएसई ने कहा कि इस पात्रता नियम की जानकारी पहले ही आधिकारिक दिशा-निर्देशों में दी जा चुकी थी। बोर्ड ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी भ्रम की स्थिति में केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। पोस्ट-रिजल्ट प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों के बीच सीबीएसई ने दोहराया है कि वह पारदर्शी, छात्र-केंद्रित और भरोसेमंद मूल्यांकन प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा छात्रों की सभी वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए उसके सहायता तंत्र लगातार काम कर रहे हैं। यह पोर्टल सीबीएसई कक्षा 12वीं के उन छात्रों के लिए था जो अपने परीक्षा परिणाम से संतुष्ट नहीं थे और उत्तर पुस्तिका की दोबारा जांच कराना चाहते थे।

सीबीएसई द्वारा निर्धारित समय सीमा के अनुसार रविवार इसके लिए आखिरी तारीख थी। उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 7 जून की रात 11 बजकर 59 मिनट थी। पहले बोर्ड ने पहले यह समय सीमा 6 जून निर्धारित की थी, लेकिन बड़ी संख्या में छात्रों द्वारा तकनीकी समस्याओं की शिकायत और परिणाम घोषित होने के बाद बढ़ती मांग को देखते हुए इसे एक दिन के लिए बढ़ा दिया गया था।

--आईएएनएस

जीसीबी/एसके

Related posts

Loading...

More from author

Loading...