असम कांग्रेस नेता ने ब्रिक्स के नतीजों पर उठाए सवाल, भारत-चीन संबंधों और गलवान का मुद्दा उठाया

असम कांग्रेस नेता ने ब्रिक्स के नतीजों पर उठाए सवाल, भारत-चीन संबंधों और गलवान का मुद्दा उठाया

गुवाहाटी, 13 सितंबर (आईएएनएस)। असम कांग्रेस नेता अमीनुल इस्लाम ने रविवार को भारत की मेजबानी में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के नतीजों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या उच्चस्तरीय बैठक में भारत के रणनीतिक हितों से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर कोई ठोस चर्चा हुई। उन्होंने भारत-चीन संबंधों, 2020 के गलवान घाटी संघर्ष और होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े घटनाक्रम को लेकर केंद्र सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

पत्रकारों से बातचीत में इस्लाम ने कहा कि केंद्र सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से भारत के राष्ट्रीय और रणनीतिक हितों से सीधे जुड़े मुद्दों पर कोई ठोस परिणाम सामने आया है।

कांग्रेस नेता ने भारत-चीन संबंधों की मौजूदा स्थिति पर भी सवाल उठाया और पूछा कि क्या गलवान घाटी संघर्ष से जुड़े मुद्दों पर शिखर सम्मेलन में कोई सार्थक चर्चा हुई।

उन्होंने कहा, "क्या भारत-चीन संबंधों में कोई बेहतर स्थिति बनी है? क्या गलवान की स्थिति पर कोई चर्चा हुई या इस बात पर चर्चा हुई कि 2022 के बाद से ब्रह्मपुत्र नदी का जलस्तर 40 प्रतिशत तक कम हो गया है?"

इस्लाम ने ब्रह्मपुत्र नदी के जलस्तर में कमी का दावा करते हुए इसे चीन से जुड़ी भारत की व्यापक रणनीतिक चुनौतियों से जोड़ा। उन्होंने सवाल किया कि क्या ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान ऐसे मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान दिया गया।

उन्होंने कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में चर्चा केवल व्यापक घोषणाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि भारत की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और रणनीतिक हितों को सीधे प्रभावित करने वाले मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित होना चाहिए।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की शिखर सम्मेलन में भागीदारी का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेता ने यह भी सवाल उठाया कि क्या भारत ने तेहरान के साथ होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े घटनाक्रम पर कोई सार्थक बातचीत की।

होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है। इस क्षेत्र में होने वाले घटनाक्रम का अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर व्यापक असर पड़ सकता है।

इस्लाम ने इस मौके पर केंद्र सरकार की विदेश नीति पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंध कमजोर हुए हैं।

उन्होंने कहा, "हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिर्फ तस्वीरें खिंचवा रहे हैं। भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंध इस समय मूल रूप से बहुत खराब हैं। विदेश नीति लगातार कमजोर हो रही है।"

कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि क्या ब्रिक्स शिखर सम्मेलन अंततः भारत के लिए कोई ठोस लाभ लेकर आएगा। उन्होंने केंद्र सरकार से सम्मेलन के परिणामों को लेकर अधिक स्पष्टता देने की मांग की।

उन्होंने कहा, "इसीलिए सवाल यह है कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत के लिए कुछ सकारात्मक लेकर आया है या नहीं। सबसे पहले यह स्पष्ट किया जाना चाहिए।"

इस्लाम की यह टिप्पणी भारत की मेजबानी में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बाद आई है, जिसमें विस्तारित समूह के नेताओं ने मौजूदा जटिल भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच वैश्विक आर्थिक और रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा की।

इस्लाम की टिप्पणियों का केंद्र यह सवाल रहा कि क्या शिखर सम्मेलन के दौरान हुई व्यापक राजनयिक चर्चाओं से भारत के राष्ट्रीय हितों से जुड़े मुद्दों पर कोई ठोस प्रगति हुई।

--आईएएनएस

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