देश में उच्च शिक्षा में नया रिकॉर्ड: 4.50 करोड़ नामांकन, बेटियां रहीं आगे

देश में उच्च शिक्षा में नया रिकॉर्ड: 4.50 करोड़ नामांकन, बेटियां रहीं आगे

नई दिल्ली, 8 जुलाई (आईएएनएस)। देश में उच्च शिक्षा का दायरा लगातार बढ़ रहा है। इससे कॉलेजों-विश्वविद्यालयों व अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों तक छात्रों की पहुंच पहले से कहीं अधिक व्यापक हुई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (एआईएसएचई) 2022-23 और 2023-24 की रिपोर्ट बताती है कि अब देश में 4.50 करोड़ विद्यार्थी उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

खास बात यह है कि इस बढ़ोतरी में छात्राओं की भूमिका सबसे अधिक प्रभावशाली रही है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2014-15 में उच्च शिक्षा में कुल नामांकन 3.42 करोड़ था, जो बढ़कर 2023-24 में 4.50 करोड़ हो गया। यानी एक दशक में 1 करोड़ से अधिक नए विद्यार्थी उच्च शिक्षा व्यवस्था से जुड़े हैं।

छात्राओं का नामांकन इसी अवधि में 1.57 करोड़ से बढ़कर 2.24 करोड़ पहुंच गया, जो 42 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्शाता है। उच्च शिक्षा में पहुंच को बताने वाला सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) भी लगातार बढ़ा है। 2014-15 में यह 23.7 था, जो 2023-24 में बढ़कर लगभग 30 हो गया। इसका अर्थ है कि 18 से 23 वर्ष आयु वर्ग के हर 100 युवाओं में से अब 30 युवा उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

छात्राओं का जीईआर 31.2 तक पहुंच गया है, जो छात्रों की तुलना में अधिक है। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का सबसे स्पष्ट संकेत लैंगिक समानता सूचकांक (जीपीआई) से मिलता है। वर्ष 2023-24 में यह 1.08 रहा। लगातार सात वर्षों से यह आंकड़ा 1 से ऊपर बना हुआ है, जो दर्शाता है कि उच्च शिक्षा में छात्राओं की उपस्थिति छात्रों के बराबर ही नहीं, बल्कि उनसे अधिक है।

रिपोर्ट सामाजिक समावेशन की भी सकारात्मक तस्वीर पेश करती है। अनुसूचित जाति विद्यार्थियों का नामांकन पिछले दस वर्षों में 46.07 लाख से बढ़कर 69.72 लाख हो गया है। अनुसूचित जनजाति विद्यार्थियों की संख्या 16.41 लाख से बढ़कर 28.83 लाख तक पहुंच गई है।

वहीं, अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों का नामांकन 1.13 करोड़ से बढ़कर 1.80 करोड़ हो गया है। इससे संकेत मिलता है कि उच्च शिक्षा अब समाज के अधिक व्यापक वर्गों तक पहुंच रही है। विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित जैसे क्षेत्रों में भी युवाओं की रुचि बढ़ी है। इन विषयों में नामांकन 1.02 करोड़ तक पहुंच गया है।

उल्लेखनीय है कि इन पाठ्यक्रमों में छात्राओं की हिस्सेदारी भी बढ़कर 44 प्रतिशत हो गई है, जो तकनीकी शिक्षा में बदलती सामाजिक सोच का संकेत है। उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।

वर्ष 2023-24 में देश में 17.32 लाख शिक्षक कार्यरत थे। इनमें लगभग 45 प्रतिशत महिलाएं हैं। महिला शिक्षकों की संख्या एक दशक में 5.69 लाख से बढ़कर 7.78 लाख हो गई है।

शिक्षा मंत्रालय का मानना है कि ये आंकड़े उच्च शिक्षा के विस्तार, महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और वंचित वर्गों तक शिक्षा की पहुंच बढ़ने की दिशा में हुए प्रयासों का परिणाम हैं। रिपोर्ट यह भी संकेत देती है कि नई शिक्षा नीति के लक्ष्यों की ओर देश धीरे-धीरे लेकिन निरंतर आगे बढ़ रहा है।

--आईएएनएस

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