तमिलनाडु : विधानसभा में आज नीट और एफसीआरए में बदलाव के खिलाफ विशेष प्रस्ताव किए जाएंगे पेश

तमिलनाडु : विधानसभा में आज नीट और एफसीआरए में बदलाव के खिलाफ विशेष प्रस्ताव किए जाएंगे पेश

चेन्नई, 11 अगस्त (आईएएनएस)। तमिलनाडु विधानसभा में मंगलवार को दो विशेष सरकारी प्रस्ताव पेश किए जाएंगे। एक प्रस्ताव नीट के विरोध में और दूसरा केंद्र सरकार द्वारा विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) में प्रस्तावित बदलावों के खिलाफ होगा।

इन प्रस्तावों के जरिए तमिलनाडु सरकार केंद्र सरकार की उन नीतियों का विरोध जताएगी, जिन्हें वह राज्य के अधिकारों और हितों पर असर डालने वाली मानती है। सदन में मंत्री अरुण राज और राजमोहन दोनों अलग-अलग प्रस्ताव पेश करेंगे।

नीट से जुड़ा प्रस्ताव तमिलनाडु की पुरानी मांग को फिर से दोहराएगा। राज्य लंबे समय से अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा नीट से छूट चाहता है।

राज्य का तर्क है कि नीट से ग्रामीण इलाकों के छात्रों, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और राज्य बोर्ड के पाठ्यक्रम से पढ़ने वाले विद्यार्थियों को नुकसान होता है। इसकी तुलना में वे छात्र ज्यादा फायदा लेते हैं जो महंगे कोचिंग संस्थान का खर्च उठा सकते हैं।

तमिलनाडु में यह मुद्दा राजनीतिक रूप से भी अहम रहा है। पिछली और मौजूदा दोनों सरकारों ने केंद्रीय परीक्षा को लेकर चिंता जताई है और कहा है कि इससे राज्य की मेडिकल प्रवेश प्रणाली प्रभावित हो रही है।

सरकार का कहना है कि ऐसा सिस्टम होना चाहिए जो सामाजिक न्याय की रक्षा करे और अलग-अलग सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के छात्रों को बराबर अवसर दे।

विधानसभा में एफसीआरए में प्रस्तावित संशोधन के खिलाफ भी एक विशेष प्रस्ताव पर विचार होगा। एफसीआरए भारत में संघों, संगठनों और अन्य संस्थाओं द्वारा विदेशी अंशदान प्राप्त करने और उसके उपयोग को नियंत्रित करता है।

तमिलनाडु सरकार का मानना है कि इन बदलावों का असर उन संगठनों पर पड़ सकता है जो वैध गतिविधियों के लिए विदेशी अंशदान लेते हैं।

प्रस्ताव में केंद्र सरकार से आग्रह किया जाएगा कि वह संशोधन पर फिर से विचार करे और यह सुनिश्चित करे कि नियामक कदम उन संगठनों को नुकसान न पहुंचाएं जो सामाजिक, धर्मार्थ और विकास के कामों में लगे हैं।

दोनों प्रस्तावों पर विधानसभा में विस्तृत चर्चा होने की उम्मीद है। राजनीतिक दल नीट और एफसीआरए में प्रस्तावित बदलावों पर अपना पक्ष रखेंगे।

विधानसभा का मौजूदा सत्र चल रहा है। इस दौरान सरकार ने राज्य और केंद्र के संबंधों से जुड़े कई नीतिगत और राजनीतिक मुद्दे उठाए हैं।

--आईएएनएस

वीकेयू/वीसी