हैदराबाद, 12 अगस्त (आईएएनएस)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) टारगेट पूरा न करने वाले राइस मिलर्स पर सख्ती दिखाई है। सीएम रेड्डी ने बुधवार को अधिकारियों को मिलर्स से बकाया राशि की वसूली तेज करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उन मिलर्स के प्रति सहयोगपूर्ण रवैया अपनाती है जो सही कारोबारी सोच के साथ काम करते हैं, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि जो लोग जानबूझकर भुगतान से बचने की कोशिश करेंगे, उनसे सख्ती से निपटा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सिविल सप्लाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी के साथ सिविल सप्लाई विभाग के कामकाज की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार पर मिलर्स से बकाया राशि वसूलने में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया, जिसके कारण हजारों करोड़ रुपए का बकाया जमा हो गया। उन्होंने राइस मिलर्स से बढ़ते बकाये की वसूली के लिए मौजूदा सरकार को दोषी ठहराने पर विपक्षी दलों की कड़ी आलोचना की।
जब अधिकारियों ने बकाया वसूली में हुई प्रगति के बारे में जानकारी दी, तो मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने जोर देकर कहा कि अनाज के एक-एक दाने की कीमत वसूल की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को बकाया वसूली की प्रक्रिया के लिए खास गाइडलाइंस बनाने और कैबिनेट सब-कमेटी को रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट सब-कमेटी की समीक्षा के बाद राज्य सरकार उचित फैसला लेगी। उन्होंने घोषणा की कि जो मिलर्स डिफॉल्टर हो गए हैं, उन्हें पहले आवंटित किया गया धान अब महिला समूहों को आवंटित किया जाएगा और मिलिंग की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी जाएगी।
हर सीजन में धान का स्टॉक जमा करने में आने वाली दिक्कतों को देखते हुए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को तुरंत एक एक्शन प्लान बनाने का निर्देश दिया। ज्यादा धान पैदावार वाले जिलों—नलगोंडा, सूर्यपेट, निजामाबाद, पेड्डापल्ली और कामारेड्डी—में साइलो बैग बनाने का एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि हर विधानसभा क्षेत्र में इन साइलो बैग सुविधाओं के लिए 50 से 100 एकड़ जमीन दी जाएगी, जिसे स्वयं-सहायता समूह (एसएचजी) चलाएंगे। इन सुविधाओं के निर्माण पर चर्चा करने के लिए राजस्व, नागरिक आपूर्ति और महिला कल्याण मंत्रियों के साथ एक बैठक बुलाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने वीजीबी-राम जी योजना के तहत बड़े प्लेटफॉर्म बनाने और उपलब्ध जगह में धान रखने के लिए जर्मन टेंट का इस्तेमाल करने की संभावना तलाशने का सुझाव दिया। अधिकारियों को मंडल और गांव के स्तर पर प्राइवेट गोदामों, फंक्शन हॉल, पुराने सिनेमा हॉल और दूसरे शेड की पहले से पहचान करने और उन्हें धान रखने के लिए किराए पर लेने का भी निर्देश दिया गया।
--आईएएनएस
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