'सड़कों के जरिए दबाव बनाकर मंजूर नहीं हो सकती मांगें', आंदोलन की घोषणा पर मनोज जरांगे को भाजपा नेता का जवाब

'सड़कों के जरिए दबाव बनाकर मंजूर नहीं हो सकती मांगें', आंदोलन की घोषणा पर मनोज जरांगे को भाजपा नेता का जवाब

मुंबई, 13 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र भाजपा के विधायक राम कदम ने मनोज जरांगे पाटिल के प्रस्तावित मुंबई मार्च और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की घोषणा पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सड़कों के जरिए दबाव बनाकर मांगें मंजूर नहीं हो सकती हैं।

विधायक राम कदम ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "मुंबई के लोगों की शांति, यहां का गणेश उत्सव और सड़क पर यातायात जैसी चीजें भी महत्वपूर्ण हैं। मराठा समाज को पता है कि 'देवा भाऊ' की ओर से दिया गया आरक्षण है। जिन्होंने नकारा, उनके प्रति जरांगे कुछ नहीं बोल रहे हैं, बल्कि जिन्होंने आरक्षण दिया, उन पर सड़कों के जरिए दबाव मांगें मंजूर नहीं हो सकती हैं। जो भी मांगें हैं, वह संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके व कानून के तहत होनी चाहिए।"

उन्होंने सवाल किया कि दूसरे की थाली से छीनकर अन्य किसी को देना, क्या यह न्याय पालिका में टिक पाएगा। सरकार कोई घोषणा करती है और कल वह हाईकोर्ट में नहीं टिक पाए तो क्या यह मराठा समाज को मंजूर होगा। राम कदम ने कहा, "मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सरकार ने पूर्व में जो फैसले किए, वह सभी फैसले न्यायपालिका में टिक पाए।"

वहीं, उमर खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग का एबीवीपी की ओर से विरोध किए जाने पर राम कदम ने कहा, "यूनिवर्सिटी विचारों का मंच होती है, लेकिन यह किसी खास विचारधारा को बढ़ावा देने का मंच नहीं बन सकती। अगर कोई विचार पेश किया जाता है, तो उसके तथ्य भी पेश किए जाने चाहिए, उन पर तर्क होने चाहिए और फिर चर्चा और बातचीत होनी चाहिए।"

उन्होंने कहा, "अगर शिक्षा के लिए बनी किसी संस्था को बिना चर्चा या बातचीत के प्रोपेगैंडा का मंच बना दिया जाए, तो उसका स्वागत कैसे किया जा सकता है? अगर आप किसी विचारधारा को बढ़ावा दे रहे हैं, तो उस विचारधारा का आधार क्या है? हम ऐसे विचारों का विरोध कर रहे हैं।"

राम कदम ने कहा कि विचार जरूर पेश किए जाने चाहिए, लेकिन उन्हें पेश करने से पहले उनका आधार भी बताया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि 'भारत तेरे टुकड़े होंगे' जैसे नारों और 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' की ओर से बढ़ावा दी जाने वाली विचारधारा के साथ यह देश कैसे तरक्की कर सकता है।

--आईएएनएस

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