नई दिल्ली, 21 जून (आईएएनएस)। बिहार के भोजपुर मे हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट के वकील विशाल तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट मे याचिका दाखिल कर सीबीआई जांच की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अगुवाई में स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति गठित करने की भी मांग की गई है। भरत भूषण तिवारी की मौत को कथित 'फर्जी एनकाउंटर' बताते हुए सुप्रीम कोर्ट के वकील विषाल तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है।
याचिका में मांग की गई है कि एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए।
इसके अलावा, कानून के शासन की रक्षा के लिए एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति गठित करने का भी अनुरोध किया गया है, जिसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज द्वारा की जाए। याचिकाकर्ता का आरोप है कि भारत भूषण तिवारी की मौत एक हत्या का मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
वहीं, भाजपा के विधान पार्षद और भोजपुरी सिनेमा स्टार पवन सिंह ने इस घटना पर संवेदना व्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने रविवार को सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखते हुए कहा कि ग्राम बेलौटी, भोजपुर निवासी स्वर्गीय भरत भूषण तिवारी केवल इतना चाहते थे कि जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी जनता की समस्याओं का समाधान करें तथा गरीब, वंचित एवं बाढ़ पीड़ित परिवारों को उनके अधिकारों से वंचित न रखा जाए।
उन्होंने कहा कि भरत समाज के लिए संघर्ष करने वाले एक जागरूक एवं संवेदनशील व्यक्ति थे। उन्होंने सदैव गरीबों, असहायों, दलितों एवं जरूरतमंद लोगों की आवाज उठाने का कार्य किया। कोरोना महामारी, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं तथा अन्य कठिन परिस्थितियों में उन्होंने अपने सामर्थ्य से बढ़कर समाज सेवा की। उनके अनेक ऐसे उदाहरण मौजूद हैं, जिनमें वे प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों एवं समाज के लोगों के साथ मिलकर जनहित के कार्य करते दिखाई देते हैं।
उन्होंने कहा कि आज उनकी मृत्यु की घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना को लेकर अनेक प्रश्न उठ रहे हैं। यदि विभिन्न माध्यमों से प्रसारित जानकारी एवं वीडियो में दिखाई गई परिस्थितियां सही हैं तो यह आवश्यक है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं न्यायसंगत जांच कराई जाए, ताकि सत्य जनता के सामने आ सके।
--आईएएनएस
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