नई दिल्ली, 12 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने विदेश मंत्रालय (एमईए), गृह मंत्रालय (एमएचए) और पंजाब पुलिस के साथ मिलकर शनिवार को मोल्दोवा से 'रेड नोटिस' वाले एक भगोड़े को प्रत्यर्पित कराया। यह भगोड़ा दोहरे हत्याकांड और अन्य अपराधों में शामिल था। यह किसी यूरोपीय देश से भारत का पहला प्रत्यर्पण है।
एक अधिकारी ने बयान में कहा कि पंजाब पुलिस के अनुरोध पर अमृतपाल सिंह उर्फ गुरपाल सिंह को मोल्दोवा से भारत लाया गया। वह पंजाब में दर्ज कई आपराधिक मामलों में वांछित था।
उस पर दर्ज आपराधिक मामलों में हथियारों का इस्तेमाल कर दो लोगों की हत्या, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध शामिल हैं।
उसकी आपराधिक गतिविधियों में धोखाधड़ी/जालसाजी, नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल और पासपोर्ट एक्ट का उल्लंघन जैसे अपराध शामिल थे।
सीबीआई ने एक बयान में कहा, "पंजाब पुलिस के अनुरोध पर सीबीआई ने इंटरपोल के माध्यम से उस व्यक्ति के खिलाफ रेड नोटिस जारी करवाया। इसके बाद मोल्दोवा के अधिकारियों ने उसकी लोकेशन का पता लगाया और उसे गिरफ्तार कर लिया।"
बयान में आगे कहा गया, "इसके बाद, मोल्दोवा के अधिकारियों को प्रत्यर्पण का अनुरोध भेजा गया। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद, मोल्दोवा के अधिकारियों ने उसे भारत प्रत्यर्पित करने की मंजूरी दे दी।"
सीबीआई ने बताया कि पंजाब पुलिस की चार सदस्यीय टीम उसे देश वापस लाने के लिए मोल्दोवा के चिसिनाउ गई थी।
भारत में इंटरपोल के लिए नेशनल सेंट्रल ब्यूरो के तौर पर सीबीआई इंटरपोल के माध्यम से मदद के लिए 'भारतपोल' के जरिए देश की सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय करती है।
बयान में कहा गया है कि पिछले कुछ वर्षों में इंटरपोल के माध्यम से समन्वय करके 175 से अधिक वांछित अपराधियों को सफलतापूर्वक भारत वापस लाया गया है।
पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने कहा कि अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत दलाम, जग्गू भगवानपुरिया गिरोह का एक मुख्य सदस्य है।
डीजीपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा कि वह हत्या, हत्या के प्रयास, गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), आर्म्स एक्ट और नशीले पदार्थों से जुड़े कई मामलों में वांछित है।
उन्होंने कहा कि यह पंजाब पुलिस द्वारा किसी यूरोपीय देश से हासिल किया गया पहला प्रत्यर्पण है, जो संगठित अपराध के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
आरोपी अमृतपाल सिंह को 24 फरवरी को मोल्दोवा के अधिकारियों ने तब हिरासत में लिया था, जब वह ओटासी राज्य सीमा से यूक्रेन की ओर जाने की कोशिश कर रहा था। इसके बाद पंजाब पुलिस के 'ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्रैडिशन सेल' (ओएफटीईसी) के माध्यम से उसके खिलाफ प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू की गई।
--आईएएनएस
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