गढ़वा, 6 जून (आईएएनएस)। वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान दर्ज आचार संहिता उल्लंघन के एक पुराने मामले में अदालत ने हेलीकॉप्टर पायलट जशवीर सिंह योद्धा को बड़ी राहत देते हुए आरोपों से मुक्त कर दिया। प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद साक्ष्यों के अभाव में फैसला सुनाया।
यह मामला वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान गढ़वा जिले के गोविंद हाई स्कूल मैदान में हेलीकॉप्टर की लैंडिंग से जुड़ा था। आरोप था कि हेलीकॉप्टर को प्रशासनिक अनुमति के बिना मैदान में उतारा गया था, जिसे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन माना गया। इस संबंध में अधिकारियों की ओर से मामला दर्ज किया गया था और इसके बाद न्यायिक प्रक्रिया शुरू हुई थी।
मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव का नाम भी शामिल था। हालांकि, उन्हें पहले ही अदालत से राहत मिल चुकी थी। इसके बाद मामले में केवल हेलीकॉप्टर पायलट जशवीर सिंह योद्धा के खिलाफ सुनवाई जारी रही।
सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की दलीलों को सुना। साथ ही मामले से जुड़े दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच की गई। बचाव पक्ष ने अदालत के समक्ष दलील दी कि आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त और ठोस साक्ष्य मौजूद नहीं हैं। अदालत ने सभी तथ्यों और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को प्रमाणित करने में सफल नहीं रहा।
इसके बाद अदालत ने जशवीर सिंह योद्धा को सभी आरोपों से मुक्त करते हुए रिहा करने का आदेश सुनाया। फैसले के बाद बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने इसे न्याय की जीत बताया और कहा कि लंबे समय से चल रहे मामले में आखिरकार सच्चाई सामने आ गई।
गौरतलब है कि यह मामला करीब 17 वर्षों से न्यायालय में विचाराधीन था। लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले के साथ चुनाव आचार संहिता उल्लंघन से जुड़े चर्चित मामले का न्यायिक अध्याय समाप्त हो गया है। अदालत के निर्णय के बाद मामले में शेष सभी कानूनी प्रक्रियाएं भी पूरी हो गई हैं।