कोलकाता, 12 अगस्त (आईएएनएस)। बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के साउथ बंगाल फ्रंटियर ने बुधवार को कोलकाता में इंटरनेशनल यूथ डे के मौके पर 15 किलोमीटर की साइकिल रैली आयोजित की।
अधिकारियों ने बताया कि राजारहट में बीएसएफ के साउथ बंगाल फ्रंटियर हेडक्वार्टर से शुरू हुई इस रैली का मकसद युवाओं को शारीरिक रूप से फिट रहने, पर्यावरण के प्रति जागरूक होने और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना था।
बीएसएफ साउथ बंगाल फ्रंटियर हेडक्वार्टर के इंस्पेक्टर जनरल दलजीत सिंह ने प्रतिभागियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
एक अधिकारी ने कहा, "सभी रैंक के बीएसएफ जवानों ने पूरे जोश और उत्साह के साथ इसमें हिस्सा लिया, जो इस पहल के प्रति उनकी सामूहिक भावना और प्रतिबद्धता को दिखाता है। यह रैली कोलकाता के आधुनिक इलाके से गुजरी और फ्रंटियर हेडक्वार्टर से राजारहट न्यू टाउन के मशहूर बिस्वा बांग्ला गेट तक और वहां से वापस आने का एक शानदार रास्ता तय किया।"
साइकिल चलाने वालों ने रास्ते में लोगों, खासकर युवाओं को शारीरिक रूप से फिट रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, पर्यावरण की रक्षा करने और समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित करने वाले संदेश दिए।
स्थानीय लोग भी साइकिल चलाने वालों को देखने के लिए अलग-अलग जगहों पर जमा हुए और अपना समर्थन और हौसला बढ़ाया, जिससे उत्साह और सामुदायिक भागीदारी का माहौल बना। नागरिकों से मिले उत्साहजनक और जोश भरे रिस्पॉन्स ने भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा करने वालों के लिए प्रेरणा का एक और स्रोत का काम किया।
बीएसएफ का साउथ बंगाल फ्रंटियर भारत-बांग्लादेश सीमा के लगभग 913 किलोमीटर हिस्से की देखरेख करता है। इसकी जिम्मेदारी का दायरा सुंदरबन में एस्टुअरी पॉइंट से लेकर उत्तर में मालदा जिले तक फैला हुआ है।
फ्रंटियर के जवानों को घुसपैठ, तस्करी, मानव तस्करी और सीमा पार के अन्य अपराधों से निपटने जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इलाका भी एक बड़ी बाधा साबित होता है। सीमा के कुछ हिस्से नदी वाले हैं और वहां बाड़ नहीं लगाई जा सकती। कुछ हिस्से घनी आबादी वाले भी हैं, जहां गांव ठीक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बसे हैं।
सीमावर्ती आबादी के साथ बेहतर जुड़ाव के लिए, बीएसएफ स्वास्थ्य शिविर, खेल आयोजन और प्रेरणादायक शिविर जैसे कल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित करता है। युवाओं को बीएसएफ और अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रशिक्षित भी किया जाता है। बीएसएफ मेडिकल इमरजेंसी और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी ग्रामीणों की मदद करता है।
--आईएएनएस
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