नई दिल्ली, 12 अगस्त (आईएएनएस)। पंजाब में कथित पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पेपर लीक की घटनाओं ने राज्य के युवाओं और पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के एक आदेश का हवाला देते हुए दावा किया कि अदालत ने फार्मेसी भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाई है और परीक्षा में कथित अनियमितताओं को गंभीरता से लिया है।
प्रदीप भंडारी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने फार्मेसी भर्ती प्रक्रिया को फिलहाल रोकते हुए पंजाब सरकार को फटकार लगाई है। अदालत के आदेश में परीक्षा प्रक्रिया में कथित संगठित गड़बड़ी और नकल से जुड़े आरोपों को गंभीरता से लिया गया है। यह मामला केवल एक भर्ती परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पंजाब में प्रतियोगी परीक्षाओं की पूरी व्यवस्था और युवाओं के भविष्य पर सवाल खड़ा हो गया है। यदि परीक्षा में धांधली या पेपर लीक जैसी घटनाएं होती हैं, तो सबसे ज्यादा नुकसान उन युवाओं को होता है जो वर्षों तक मेहनत करके सरकारी नौकरी की परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।
प्रदीप भंडारी ने दावा किया कि पंजाब सरकार ने अदालत के समक्ष यह पक्ष रखने की कोशिश की कि राज्य में पेपर लीक जैसा कुछ नहीं हुआ है। हाईकोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया और परीक्षा में कथित तौर पर ब्लूटूथ डिवाइस के इस्तेमाल और संगठित तरीके से नकल किए जाने के आरोपों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि यदि परीक्षा केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से नकल किए जाने के आरोप सामने आते हैं, तो यह केवल व्यक्तिगत स्तर पर की गई गड़बड़ी नहीं, बल्कि परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल है। इससे यह जांचना जरूरी हो जाता है कि परीक्षा प्रक्रिया में सेंध किस स्तर पर लगी और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। पंजाब के युवा लगातार परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने राज्य के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग का मुद्दा भी उठाया और कहा कि सरकार को युवाओं के सवालों का जवाब देना चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता ने पंजाब में पहले भी कई प्रतियोगी और बोर्ड परीक्षाओं के कथित रूप से लीक होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि यह समस्या किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं है। लीक होने वाली परीक्षाओं में 21 दिसंबर 2025 की नायब तहसीलदार भर्ती परीक्षा, पीएसईबी कक्षा 12वीं की अंग्रेजी परीक्षा, एग्रीकल्चर डेवलपमेंट ऑफिसर भर्ती परीक्षा, पीएसएसएसबी ग्रुप-बी ऑफिसर परीक्षा और पंजाब स्टेट टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट शामिल हैं।
भंडारी ने कहा कि पंजाब में बार-बार परीक्षा से जुड़े विवाद सामने आना चिंता का विषय है। पेपर लीक या नकल का सीधा असर उन अभ्यर्थियों पर पड़ता है जिन्होंने निष्पक्ष तरीके से परीक्षा की तैयारी की होती है। पंजाब के युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और सरकार से पारदर्शी तरीके से जवाब मांग रहे हैं। भर्ती परीक्षाओं में किसी भी तरह की अनियमितता का सबसे बड़ा नुकसान उन अभ्यर्थियों को होता है जो सीमित संसाधनों में वर्षों तक तैयारी करते हैं और एक सरकारी नौकरी को अपने भविष्य का आधार मानते हैं।
प्रदीप भंडारी ने पंजाब के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि सरकार को पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े आरोपों की जिम्मेदारी तय करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर लगातार परीक्षाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो सरकार को केवल बयान देने के बजाय ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि आज पंजाब और देशभर के जेनजी अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान से यह सवाल पूछ रहे हैं कि पंजाब के शिक्षा मंत्री कब इस्तीफा देंगे और कथित पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार की ओर से युवाओं से कब माफी मांगी जाएगी।
--आईएएनएस
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