चुराचांदपुर, 12 सितंबर (आईएएनएस)। मणिपुर सरकार के मुख्य सचिव राजीव सिंह ठाकुर ने शनिवार को चुराचांदपुर जिले में विभिन्न सरकारी योजनाओं और विकास कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। यह बैठक उपायुक्त कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में आयोजित की गई, जिसमें जिले के सभी जिला स्तरीय अधिकारी शामिल हुए।
बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपनी-अपनी उपलब्धियों, चल रही योजनाओं और सामने आ रही चुनौतियों की जानकारी दी। समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं, आजीविका संवर्धन, आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के पुनर्वास और राहत उपायों समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
बैठक के बाद मुख्य सचिव ने चुराचांदपुर के विभिन्न नागरिक समाज संगठनों के प्रतिनिधियों से भी बातचीत की और उनके सुझाव व समस्याएं सुनीं।
मुख्य सचिव ने बाद में बेथलेहम स्थित प्री-फैब राहत शिविर और लिंगसिफाई के लानवा टीडी ब्लॉक राहत शिविर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने राहत शिविरों में रह रहे विस्थापित लोगों से मुलाकात की, उनकी समस्याएं और मांगें सुनीं तथा हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।
इस दौरान उपायुक्त कृष्ण कुमार (आईएएस) ने बताया कि जिला प्रशासन सभी राहत शिविरों में नियमित रूप से स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर रहा है। जिन लोगों को लगातार चिकित्सकीय देखभाल की आवश्यकता है, उन्हें संबंधित उपमंडल अधिकारी को सूचित करने की सलाह दी गई है ताकि आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
उपायुक्त ने बताया कि सभी राहत शिविरों में आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री-गी हाक्शेलगी तेंगबांग कार्ड के लिए नामांकन अभियान चलाया गया है। जिन विस्थापित लोगों के पास इनमें से कोई भी कार्ड नहीं है, उन्हें जिला प्रशासन से संपर्क करने को कहा गया है ताकि जिला अस्पताल के माध्यम से उनका पंजीकरण कराया जा सके।
जिला प्रशासन के अनुसार, वर्तमान में चुराचांदपुर में 19 राहत शिविर संचालित हो रहे हैं, जिनमें 5,195 आंतरिक रूप से विस्थापित लोग रह रहे हैं। इसके अतिरिक्त 10,214 गैर-शिविर लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से सहायता प्रदान की जा रही है।
विभागीय समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, आजीविका संवर्धन, शिक्षा, ई-गवर्नेंस, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन, कौशल विकास और बुनियादी ढांचे सहित विभिन्न क्षेत्रों पर प्रस्तुतियां दी गईं।
मुख्य सचिव ने कहा कि आजीविका और कौशल विकास कार्यक्रमों का लाभ केवल विस्थापित लोगों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि स्थानीय आबादी को भी इसका फायदा मिलना चाहिए। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया कि विस्थापित लोगों को दिए जा रहे कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार स्थानीय युवाओं तक भी किया जाए, ताकि उन्हें रोजगार से जुड़ी नई संभावनाएं मिल सकें।
मुख्य सचिव ने ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने चुराचांदपुर के उपायुक्त की ई-ऑफिस प्रणाली के उपयोग के लिए सराहना की और सभी विभागों को ई-ऑफिस से जुड़ने के निर्देश दिए।
राहत शिविरों के दौरे के दौरान मुख्य सचिव के साथ उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, जिला वन अधिकारी, अतिरिक्त उपायुक्त, एएसपी (कानून एवं व्यवस्था), उपमंडल अधिकारी और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
--आईएएनएस
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