कोलकाता, 21 सितंबर (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा ने सोमवार को कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के तेहट्टा में हाल ही में उन पर हुए कथित अंडे के हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को नदिया जिले की पुलिस गिरफ्तार करने में नाकाम रही है।
नदिया जिले के तेहट्टा में एक बैठक से लौटते समय कथित तौर पर अंडे फेंके जाने के बाद कृष्णानगर लोकसभा सीट से ममता गुट की सांसद मोइत्रा ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
हालांकि जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की सिंगल-जज बेंच ने उनकी याचिका स्वीकार कर ली, लेकिन जल्द सुनवाई की उनकी अपील ठुकरा दी। जस्टिस भट्टाचार्य ने निर्देश दिया कि मामले की सुनवाई तय 'कॉज लिस्ट' के अनुसार ही होगी।
अंडे फेंकने की यह कथित घटना पिछले हफ्ते हुई थी और आरोप है कि इसे तेहट्टा में भाजपा कार्यकर्ताओं ने अंजाम दिया था। मोइत्रा वहां एक मीटिंग में शामिल होने गई थीं और पार्टी कार्यक्रम से लौटते समय उन पर अंडे फेंके गए थे।
बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पर घटना के वीडियो शेयर किए और आरोप लगाया कि बैठक से निकलते समय भाजपा पदाधिकारियों ने जगह को घेर लिया था और उनके काफिले को निशाना बनाया था।
मोइत्रा ने कहा कि भाजपा पदाधिकारियों ने मेरी बैठक वाली जगह को घेर लिया और मेरे निकलते ही अंडे फेंके। हमारे संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने के लिए धन्यवाद, माय लॉर्ड।
हालांकि, तेहट्टा से भाजपा विधायक सुब्रत कोबिराज ने घटना में पार्टी कार्यकर्ताओं की किसी भी भूमिका से इनकार किया और दावा किया कि अंडे फेंकने की घटना नदिया जिले में तृणमूल कांग्रेस के अंदर गुटबाजी का नतीजा थी।
कोबिराज ने कहा कि यह तृणमूल कांग्रेस के अंदर गुटीय संघर्ष का नतीजा था। यहां एक गुट मोइत्रा का समर्थन कर रहा है, जबकि दूसरा उनके खिलाफ है। नदिया में तृणमूल कांग्रेस अब दो गुटों में बंट गई है और मोइत्रा-विरोधी गुट ने उन पर हमला किया। भाजपा का इससे कोई लेना-देना नहीं था।
--आईएएनएस
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