कर्नाटक सरकार 34,000 ग्रामीण मंदिरों में पुजारियों की ट्रेनिंग में मदद करेगी: सीएम शिवकुमार

कर्नाटक सरकार 34,000 ग्रामीण मंदिरों में पुजारियों की ट्रेनिंग में मदद करेगी: सीएम शिवकुमार

बेंगलुरु, 5 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण मंदिरों में सेवा देने वाले पुजारियों की ट्रेनिंग के लिए हर जरूरी मदद देने को तैयार है। उन्होंने पुजारी संघों और मठों से अपील की कि वे पुजारियों की स्किल को बेहतर बनाने और मंदिर की परंपराओं को बनाए रखने में पहल करें।

मुख्यमंत्री ने एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्य भर के गांवों के मंदिरों में पूजा-पाठ करने वालों के लिए एक व्यवस्थित प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का आह्वान किया।

उन्होंने पुजारी संघों और मठों से इस पहल पर मिलकर विचार करने और लगभग 34,000 ग्रामीण मंदिरों में सेवा करने वाले पुजारियों को सही धार्मिक रीति-रिवाजों और परंपराओं की जानकारी देने का आग्रह किया।

शिवकुमार ने कहा, "मैं पुजारी संघों और मठों से अनुरोध करता हूं कि वे एक साथ आएं और इस पर चर्चा करें। गांवों में लगभग 34,000 मंदिर हैं, जहां पुजारी रोजाना पूजा-पाठ करते हैं। आपको उन्हें सही धार्मिक परंपराओं और रीति-रिवाजों के बारे में बताना चाहिए। इन पुजारियों के लिए तीन महीने का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करें, और सरकार इसके लिए जरूरी सभी तरह की मदद देगी।"

यह सवाल उठाते हुए कि क्या ज्ञान कुछ ही लोगों तक सीमित रहना चाहिए, मुख्यमंत्री ने अनुभवी पुजारियों को अपनी विशेषज्ञता दूसरों के साथ साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया।

उन्होंने कहा, "ज्ञान किसी व्यक्ति या परिवार की निजी संपत्ति नहीं है। आप अपना ज्ञान दूसरों के साथ साझा कर सकते हैं। ऐसा करने से आप मंदिर की पूजा से जुड़ी परंपराओं और मूल्यों को मजबूत करेंगे।"

शिवकुमार ने मंदिर के विकास में अपने योगदान पर भी प्रकाश डाला और बताया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में लगभग 300 मंदिरों का निर्माण या जीर्णोद्धार किया गया है।

उन्होंने कहा, "अकेले मेरे निर्वाचन क्षेत्र में हमने लगभग 300 मंदिरों का निर्माण या जीर्णोद्धार किया है। जो लोग श्रद्धा के साथ प्रार्थना करते हैं, उन्हें मन की शांति मिलती है।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार कर्नाटक भर के पुजारियों और धार्मिक संस्थानों को संस्थागत समर्थन देते हुए मंदिर की परंपराओं को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

शिवकुमार ने मंदिर के पुजारियों से कांग्रेस सरकार का समर्थन करने की अपील की और कहा कि उसने अपने वादे पूरे किए हैं और ऐसे कल्याणकारी उपाय लागू किए हैं जिनकी तुलना पिछली सरकारों से नहीं की जा सकती।

उन्होंने कहा, "हमारी सरकार ने वही किया है, जिसका वादा किया था। जैसे आप अपने घरों और मंदिरों की रक्षा करते हैं, वैसे ही अपनी सरकार की भी रक्षा करें।"

उन्होंने पुजारियों से सरकार की उपलब्धियों को भक्तों तक पहुंचाने और इसे फिर से सत्ता में लाने में मदद करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्म पर किसी राजनीतिक दल का एकाधिकार नहीं हो सकता और उन दावों पर सवाल उठाया कि केवल कुछ समूह ही हिंदू धर्म के रक्षक हैं।

उन्होंने घोषणा की कि मंदिर के चढ़ावे के प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख मंदिरों में हुंडी और गिनती केंद्रों के पास सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।

शिवकुमार ने हिंदू धर्म के रक्षक होने के भाजपा के दावों पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि धर्म पर किसी राजनीतिक दल का एकाधिकार नहीं है।

उन्होंने पूछा कि कुछ पार्टियां ऐसा व्यवहार करती हैं जैसे उन्होंने धर्म का ठेका ले रखा हो। वे दावा करते हैं कि भगवान और धर्म केवल उनके हैं। क्या रामलिंगा रेड्डी, सिद्दारमैया, मल्लिकार्जुन खड़गे और मैं हिंदू नहीं हैं?

उन्होंने आगे सवाल किया कि क्या धर्म की रक्षा का दावा करने वालों ने मंदिर के पुजारियों और भक्तों के जीवन में सुधार किया है। राम मंदिर का जिक्र करते हुए शिवकुमार ने कहा कि देश भर के लोगों ने इसके निर्माण के लिए ईंटें और दान दिया था, लेकिन सवाल किया कि उन योगदानों का क्या हुआ।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मंदिर के धन के प्रबंधन के संबंध में आरोपों को रोकने के लिए प्रमुख मंदिरों में हुंडी और जहां मंदिर का चढ़ावा गिना जाता है, वहां सीसीटीवी कैमरे लगा रही है।

--आईएएनएस

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