कर्नाटक में कांग्रेस का संगठन पुरुष-प्रधान, महिलाओं को नहीं मिल रहा प्रतिनिधित्व: कृष्णा हेगड़े

कर्नाटक में कांग्रेस का संगठन पुरुष-प्रधान, महिलाओं को नहीं मिल रहा प्रतिनिधित्व: कृष्णा हेगड़े

मुंबई, 12 सितंबर (आईएएनएस)। शिवसेना प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने कर्नाटक कांग्रेस में महिला प्रतिनिधित्व, गरबा एंट्री विवाद, कांग्रेस नेता हरीश रावत की ओर से सभी पद छोड़ने की पेशकश और ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस पर महिला प्रतिनिधित्व के मामले में दोहरे रवैये का आरोप लगाया, जबकि गरबा विवाद में सभी धर्मों के लोगों की भागीदारी को सामाजिक एकता के लिए जरूरी बताया।

कर्नाटक कांग्रेस की ओर से नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति में सभी पद पुरुषों को दिए जाने पर कृष्णा हेगड़े ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कर्नाटक मंत्रिमंडल में भी कोई महिला मंत्री नहीं है और अब जिला अध्यक्षों की नियुक्ति में भी महिलाओं को प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। कांग्रेस का संगठन पुरुष-प्रधान है और महिलाओं को पर्याप्त स्थान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने महिला आरक्षण के मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने पहले महिला आरक्षण विधेयक को लेकर शर्तों के साथ समर्थन की बात कही थी, लेकिन अब कर्नाटक में पार्टी की नियुक्तियों से उसका कथित रुख सामने आ गया है।

उन्होंने कहा कि भाजपा और एनडीए महिलाओं के लिए अधिक प्रतिनिधित्व की बात करते रहे हैं। हेगड़े ने कांग्रेस के महिला मोर्चे से इस मुद्दे पर आवाज उठाने की अपील की और कहा कि कांग्रेस को समर्थन देने वाली महिलाओं को भी इस स्थिति पर विचार करना चाहिए।

कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की ओर से कांग्रेस के सभी पदों से हटने की पेशकश को लेकर हेगड़े ने कहा कि रावत के पूर्व ओएसडी के घर ईडी की कार्रवाई के दौरान नकदी, घड़ियां और अन्य कीमती सामान मिलने की बात सामने आई। इसी घटनाक्रम के बाद रावत ने कथित तौर पर कांग्रेस आलाकमान से अपने पदों से इस्तीफा देने की इच्छा जताई है, ताकि किसी व्यक्ति की कार्रवाई के कारण पार्टी का नाम प्रभावित न हो। रावत के इस्तीफे की पेशकश पर अंतिम फैसला कांग्रेस आलाकमान को करना है। संबंधित व्यक्ति के खिलाफ जांच एजेंसी अपनी कार्रवाई कर रही है और मामले में आगे की प्रक्रिया जांच के आधार पर तय होगी।

गरबा कार्यक्रमों में प्रवेश को लेकर चल रही बहस पर कृष्णा हेगड़े ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के उस विचार का हवाला दिया, जिसमें सभी धर्मों के लोगों को हिंदू त्योहारों में शामिल होने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों में लोगों की भागीदारी से सामाजिक एकता और भाईचारा मजबूत हो सकता है। गरबा के आयोजकों को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए। प्रवेश के दौरान पहचान की जांच, कैमरों और पर्याप्त स्वयंसेवकों की व्यवस्था से किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सकता है। कुछ लोग कथित तौर पर फर्जी पहचान पत्र के जरिए प्रवेश करने का प्रयास करते हैं, इसलिए सुरक्षा जांच जरूरी है।

नितेश राणे की ओर से इस मुद्दे पर दिए गए बयानों को उन्होंने उनका व्यक्तिगत विचार बताया। साथ ही, कहा कि किसी भी युवक को धार्मिक आयोजन में आकर गलत गतिविधि नहीं करनी चाहिए। हेगड़े ने अबू आसिम आजमी के बयानों को भी उनका निजी विचार बताया। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि सभी धर्मों के लोग यदि एक-दूसरे के त्योहारों में सम्मानपूर्वक शामिल हों तो देश में एकता और भाईचारा बढ़ेगा।

ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक पर हेगड़े ने कहा कि भारत की मेजबानी में हो रहा ब्रिक्स सम्मेलन वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण है। सम्मेलन में चीन और रूस समेत कई प्रमुख देशों के शीर्ष नेता शामिल हुए हैं। सम्मेलन में स्थानीय मुद्राओं में व्यापार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में सहयोग और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को समाप्त करने के उपायों जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान से जुड़े समुद्री मार्ग से गुजरने वाले भारतीय मर्चेंट नेवी कर्मियों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया।

उन्होंने ब्रिक्स को भारत के लिए आर्थिक और कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए कहा कि सम्मेलन से भारत को विभिन्न क्षेत्रों में लाभ मिल सकता है। प्रधानमंत्री मोदी की वैश्विक भूमिका की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि कई देशों के नेता भारत की बात और सलाह को महत्व देते हैं।

--आईएएनएस

पीएसके