अमरावती, 5 अगस्त (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने बुधवार को टीडीपी के नेतृत्व वाली एनडीए गठबंधन सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सरकार की तंबाकू किसानों के प्रति उदासीनता की कड़ी आलोचना की और मांग की कि तंबाकू की खरीद मार्कफेड के माध्यम से की जाए।
पूर्वी गोदावरी जिले के देवरापल्ली में किसानों से बातचीत के बाद मीडिया से बात करते हुए वाईएस. जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि तंबाकू किसान गहरे संकट में हैं क्योंकि एक तरफ खेती की लागत कई गुना बढ़ गई है, वहीं दूसरी तरफ खरीद मूल्य गिर रहे हैं, क्योंकि कंपनियां एक सिंडिकेट बनाकर बाजार की गतिशीलता में हेरफेर कर रही हैं।
वाईएसआरसीपी प्रमुख ने कहा कि औसत कीमत में भारी गिरावट आई है और तंबाकू बोर्ड द्वारा खरीद का आश्वासन दिए गए किसानों ने अपना वादा तोड़ दिया है। व्यापारियों ने कीमतों को कम रखने के लिए एक गिरोह बना लिया है, जिससे किसानों को मजबूरी में अपनी फसल बेचनी पड़ रही है। चंद्रबाबू सरकार इस गिरोह के साथ मिलीभगत कर रही है और केवल 20 प्रतिशत फसल की ही खरीद हो रही है, जबकि बोर्ड ने किसानों को खरीद का आश्वासन देकर तंबाकू की खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया था, लेकिन अब वह अपने वादे से मुकर गया है।
रेड्डी ने बताया कि 2023-24 में वाईएसआरसीपी के कार्यकाल के दौरान तंबाकू का औसत भाव 289 रुपए प्रति किलो था और टीडीपी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के सत्ता में आने के 27 महीनों में यह गिरकर 220 रुपए प्रति किलो हो गया है। किसानों ने बताया कि वे तंबाकू 170 रुपए प्रति किलो तक बेच रहे हैं।
रेड्डी ने कहा कि हमने किसानों के हितों की रक्षा के लिए एक मजबूत व्यवस्था बनाई थी और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और कीमतों को ऊंचा बनाए रखने के लिए मार्कफेड को खरीदार बनाया था। इसके अलावा हमने किसानों को 1 लाख रुपए का शून्य प्रतिशत ब्याज वाला ऋण दिया था।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने शून्य प्रतिशत ब्याज वाली योजना को समाप्त कर दिया है और खेती की लागत बढ़ने और उपज पर एमएसपी न मिलने से किसानों की स्थिति और भी खराब हो गई है। अब किसानों को कम से कम 70 रुपए प्रति किलो का नुकसान हो रहा है।
रेड्डी ने कहा कि तंबाकू किसान वेंकटेश्वर राव ने इस नुकसान को सहन न कर पाने के कारण आत्महत्या कर ली और सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई, कोई भी जन प्रतिनिधि उनके परिवार को सांत्वना देने नहीं आया।
उन्होंने कहा कि एक महीने के भीतर खरीदार नीलामी के लिए कर्नाटक चले जाएंगे और कीमतें और गिर जाएंगी, जिससे किसानों की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी। सरकार द्वारा घोषित 20 रुपए की सब्सिडी से व्यापारियों को कीमतें और कम करने में ही मदद मिलेगी।
--आईएएनएस
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