नई दिल्ली, 13 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली में गणेश उत्सव को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। इसी कड़ी में कालका जी मंदिर के पीठाधीश्वर महंत सुरेंद्र नाथ अवधूत ने गणेश उत्सव के महत्व और इस बार के शुभ मुहूर्त को लेकर जानकारी दी।
संत सुरेंद्र नाथ अवधूत ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "गणेश उत्सव भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को शुरू होता है। इस दिन बड़े और भव्य पंडाल लगाए जाते हैं, खासकर महाराष्ट्र में और अब दिल्ली में भी, जहां भगवान गणेश की बड़ी और सुंदर मूर्तियां स्थापित की जाती हैं। यह त्योहार अनंत चतुर्दशी तक चलता है। कुछ लोग मूर्ति को 10 दिनों के लिए, कुछ 5 दिनों के लिए और कुछ 7 दिनों के लिए स्थापित करते हैं। लोग भगवान गणेश की मिट्टी की मूर्तियां अपने घरों में भी लाते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं।"
उन्होंने बताया कि इस बार गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को पड़ रही है। इसी दिन से गणेश उत्सव का शुभारंभ होगा, जो 25 सितंबर तक चलेगा। 10 दिनों तक चलने वाले इस उत्सव के दौरान देशभर में भक्ति और उल्लास का माहौल रहता है।
गणेश स्थापना के शुभ मुहूर्त को लेकर उन्होंने कहा, "इस बार गणेश स्थापना का विशेष मुहूर्त सुबह 11 बजकर 2 मिनट से लेकर 1 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। इस समय गणेश जी की स्थापना करना बहुत ही शुभ रहेगा।"
महंत ने कहा कि भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है। उनकी पूजा-अर्चना करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं। उन्होंने कहा, "गणेश जी की पूजा-अर्चना करने से संसार के क्लेश दूर होते हैं, सब विघ्न बाधाएं दूर होती हैं और घर में सुख-संपत्ति और समृद्धि का वास होता है।"
उन्होंने बताया कि पहले गणेश उत्सव मुख्य रूप से महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर मनाया जाता था, लेकिन अब दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में भी इसका उत्साह देखने को मिलता है। जगह-जगह बड़े-बड़े पंडाल लगाए जाते हैं, जहां भगवान गणेश की आकर्षक मूर्तियां स्थापित की जाती हैं। लोग अपने घरों में भी मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमा लाकर पूरे विधि-विधान से पूजा करते हैं।
--आईएएनएस
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