बेंगलुरु, 8 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने फंड के दुरुपयोग मामले में कार्रवाई करते हुए डाक विभाग के दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया। केंद्रीय जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई बेंगलुरु के मैसूर के सारागुर पोस्ट ऑफिस के दो कर्मचारियों के खिलाफ की है, जिनमें एक पोस्टल असिस्टेंट और एक पोस्ट मैन हैं।
डाक विभाग के इन अधिकारियों पर 44 खाताधारकों के पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट से लगभग 1.3 करोड़ रुपए की सरकारी रकम का गबन करने का आरोप है।
यह मामला मार्च 2026 में पोस्टल डिपार्टमेंट से मिली लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। इसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और जालसाजी एवं पीसी (भ्रष्टाचार की रोकथाम) एक्ट, 1988 के तहत अपराधों का आरोप लगाया गया है।
मामले को लेकर सीबीआई की ओर से की गई अब तक की जांच से पता चला है कि इन दोनों आरोपियों ने 2022 से 2025 के दौरान लोगों के पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट से सुनियोजित तरीके से पैसे निकाले और उन्हें अपने रिश्तेदारों एवं अपने खुद के खातों में जमा कर दिया।
सीबीआई जांच में यह भी सामने आया कि इन अधिकारियों ने ग्राहकों की लॉगिन आईडी और पासवर्ड का गलत इस्तेमाल करके धोखाधड़ी से पैसे ट्रांसफर किए। आशंका है कि अन्य खातों में भी गबन हुआ है, जिसकी जांच की जा रही है।
आरोपियों को बेंगलुरु की सीबीआई स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया है और उनसे विस्तार से पूछताछ के लिए उन्हें पुलिस कस्टडी में लिया जाएगा। सीबीआई जल्द से जल्द इस पूरे धोखाधड़ी मामले का पर्दाफाश करने में जुटी है।
बता दें कि सीबीआई ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) फंड घोटाले के एक दूसरे मामले में कार्रवाई करते हुए मंगलवार को 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों में लद्दाख में बीआरओ के एक असिस्टेंट इंजीनियर (सिविल) और कारगिल के दो लेबर सप्लाई एजेंट शामिल हैं।
गिरफ्तार असिस्टेंट इंजीनियर बीआरओ के 81 आरसीसी के तहत खात्से-बटालिक सेक्टर के इंचार्ज थे। असिस्टेंट इंजीनियर ने दो मैनपावर सप्लाई एजेंटों के साथ मिलकर असल में मौजूद न होने वाले मजदूरों के नाम पर बीआरओ के फंड का गलत इस्तेमाल किया और एजेंटों ने वह रकम उनके अकाउंट में जमा करवा दी।