गुवाहाटी, 22 जुलाई (आईएएनएस)। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने भारत-म्यांमार सीमा पर अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। एनसीबी ने म्यांमार स्थित एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। एनसीबी ने इसके सरगना, म्यांमार के चिन राज्य के हैचिन निवासी नेंगजातुआन उर्फ तुआनपी को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी महीनों की खुफिया जानकारी जुटाने, तकनीकी निगरानी, समन्वित अंतरराज्यीय अभियानों और निरंतर जांच के बाद हुई है, जो एनसीबी की उस रणनीति को रेखांकित करती है जिसमें वह केवल व्यक्तिगत खेपों को जब्त करने के बजाय अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क के नेतृत्व को निशाना बनाती है।
नेंगजातुआन उर्फ तुआनपी को मणिपुर के चुराचंदपुर से गिरफ्तार किया गया। जांच में पता चला है कि वह चिन राज्य से संचालित होने वाले प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आपूर्तिकर्ताओं में से एक था, जो एक ऐसे तस्करी नेटवर्क को नियंत्रित करता था जो मेथम्फेटामाइन और हेरोइन को मणिपुर, मिजोरम, असम और त्रिपुरा के रास्ते भारत और बांग्लादेश के विभिन्न हिस्सों में वितरित करता था।
आरोपी एनसीबी और अन्य मादक पदार्थों की रोकथाम एजेंसियों द्वारा दर्ज किए गए कई एनडीपीएस मामलों में वांछित है। वह एनसीबी के तीन मामलों में मुख्य आरोपी है, जिनमें लगभग 28.22 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन टैबलेट और 1.278 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई थी, जिनकी कीमत 25 करोड़ रुपए से अधिक है। वह चुराचंदपुर पुलिस, सिंगंगट पुलिस और राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) द्वारा दर्ज किए गए सात अन्य एनडीपीएस मामलों से भी जुड़ा हुआ है।
जांच से पता चला है कि यह गिरोह अंतरराष्ट्रीय आपूर्तिकर्ताओं, सीमा पार कूरियरों, परिवहन समन्वयकों, स्थानीय दलालों, प्राप्तकर्ताओं और वित्तीय संचालकों के एक सुसंगठित नेटवर्क के माध्यम से काम करता था। अब तक इस गिरोह को मेथम्फेटामाइन, हेरोइन और अपराध से प्राप्त धन की सामूहिक रूप से 53 करोड़ रुपए से अधिक की जब्ती से जोड़ा गया है। अपराध से प्राप्त अतिरिक्त धन, संपत्तियों और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने के लिए वित्तीय जांच जारी है।
पिछले कई महीनों में, एनसीबी ने खुफिया जानकारी पर आधारित कई अभियानों के माध्यम से संगठित गिरोहों का व्यवस्थित रूप से भंडाफोड़ किया है। इसके साथ ही मणिपुर और असम में सक्रिय कई प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है।
यह गिरफ्तारी भारत-म्यांमार सीमा पर सक्रिय संगठित मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों के खिलाफ एनसीबी के निरंतर अभियान में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। एनसीबी खुफिया जानकारी पर आधारित जांच और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ घनिष्ठ समन्वय के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों को बाधित करने और उनका भंडाफोड़ करने के लिए प्रतिबद्ध है।