रायपुर, 13 सितंबर (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बीजापुर के एकलव्य आवासीय स्कूल में कुछ छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार की शिकायतों को गंभीरता से लिया है। उन्होंने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को मामले की गहन जांच करने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि बच्चों की सुरक्षा और सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गलत व्यवहार, उत्पीड़न या असुरक्षित माहौल से जुड़ी शिकायतों पर तुरंत और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जो अधिकारी ऐसी शिकायतों को दबाएंगे, छिपाएंगे या कार्रवाई में देरी करेंगे, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा।
सीएम ने राज्य भर के सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को लड़कियों के हॉस्टल, आश्रम और आवासीय स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। इन निरीक्षणों के दौरान, उन्हें सुरक्षा व्यवस्था, जिम्मेदार कर्मचारियों की मौजूदगी और छात्रों की शिकायतों के समाधान के लिए बनी प्रणालियों की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसका मकसद ऐसा माहौल बनाना है जहां छात्राएं बिना किसी डर के अधिकारियों के साथ अपनी चिंताएं साझा कर सकें।
मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि प्रशासन को शिकायतों के सामने आने का इंतजार नहीं करना चाहिए। इसके बजाय, अधिकारियों को लगातार बातचीत और निगरानी के जरिए संभावित समस्याओं की पहचान करनी चाहिए और उन्हें रोकना चाहिए।
उन्होंने शिक्षा विभाग और पुलिस को निर्देश दिया कि जब भी लड़कियों के खिलाफ गलत व्यवहार, उत्पीड़न, डराने-धमकाने या धमकी देने की शिकायतें मिलें, तो तुरंत और आपसी तालमेल के साथ कार्रवाई की जाए। प्रभावित छात्रों को बिना देरी के जरूरी काउंसलिंग और सहायता भी दी जानी चाहिए।
सरकार की प्राथमिकता को दोहराते हुए साई ने कहा कि राज्य के आवासीय स्कूलों और हॉस्टलों में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा सबसे महत्वपूर्ण है। इन छात्रों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई होगी और जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
ये निर्देश आवासीय शिक्षण संस्थानों, खासकर दूर-दराज के इलाकों में छात्रों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता के बीच आए हैं।
मुख्यमंत्री के इस सख्त रुख से बीजापुर में प्रशासन और पुलिस की ओर से त्वरित कार्रवाई होने की उम्मीद है, साथ ही पूरे राज्य में जवाबदेही व्यवस्था भी मजबूत होगी।