Advertisement banner

छात्रों की मांगों पर एक सप्ताह में फैसला करे सरकार, नहीं तो अनशन करूंगा: रघुवर दास

छात्रों

रांची, 12 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य में जारी छात्र आंदोलन को लेकर हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधते हुए एक सप्ताह के भीतर छात्रों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज करना किसी भी सरकार के लिए उचित नहीं है।

बुधवार शाम रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम मे आंदोलित छात्रों से मुलाकात के दौरान दास ने कहा कि रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और भर्ती प्रक्रिया में सुधार युवाओं के बुनियादी सरोकार हैं। सरकार को इन मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ बातचीत करनी चाहिए और समाधान का रास्ता निकालना चाहिए।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग की स्थिति नहीं आनी चाहिए। सरकार का दायित्व युवाओं की आवाज सुनना है, उसे दबाना नहीं। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ सीधे संवाद से ही गतिरोध दूर किया जा सकता है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार को एक सप्ताह का समय देते हुए कहा कि इस अवधि में छात्रों की मांगों पर ठोस पहल नहीं हुई तो वह स्वयं आंदोलन में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो एक सप्ताह बाद भगवान बिरसा मुंडा की समाधि स्थल पर अनशन शुरू करेंगे।

रघुबर दास ने कहा कि छात्रों का आंदोलन केवल परीक्षा से जुड़े किसी एक फैसले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भर्ती व्यवस्था में भरोसा, पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य से जुड़ा सवाल है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह स्थिति को टकराव की दिशा में ले जाने के बजाय तत्काल संवाद की पहल करे।

उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर बार-बार विवाद सामने आने से युवाओं में असंतोष बढ़ा है। ऐसे में सरकार को उनकी आशंकाओं को दूर करने के लिए ठोस और भरोसेमंद कदम उठाने की जरूरत है।

--आईएएनएस

एसएनसी/एएमटी