रामनाथपुरम, 11 अगस्त (आईएएनएस)। अल नीनो की वजह से कम बारिश होने का असर दक्षिणी तमिलनाडु के पारंपरिक ताड़-आधारित उद्योग पर पड़ा है। उत्पादन घटने से इस सीजन में ताड़ के गुड़ की कीमतें असामान्य रूप से बढ़ गई हैं। इस उद्योग से रामनाथपुरम, थूथुकुडी, तिरुनेलवेली और तेनकासी जिलों में हजारों श्रमिकों को रोजगार मिलता है। तमिलनाडु में सबसे ज्यादा ताड़ के पेड़ रामनाथपुरम में हैं। यह ताड़ के गुड़ के उत्पादन का प्रमुख केंद्र है।
सयालकुडी, नरीप्पैयूर, मारियूर, कन्नीराजापुरम, मेलाचेलवानूर और मल्लत्तर जैसे गांवों में हजारों श्रमिक इस काम में लगे हैं। हर वर्ष जनवरी-फरवरी के महीने में 'पडनीर' (ताड़ का रस) का सीजन शुरू हो जाता है। श्रमिक ताड़ के पेड़ों से मीठा रस इकट्ठा करते हैं और 'करुपट्टी' या ताड़ का गुड़ बनाने के लिए उसे उबालते हैं।
व्यापारी थोक और खुदरा बाजोरों में भेजने से पहले सीधे श्रमिकों से गुड़ खरीदते हैं। रामनाथपुरम में बनने वाला ताड़ का गुड़ आम तौर पर आकार में बड़ा होता है, जबकि थूथुकुडी जिले की 'उडांगुडी करुपट्टी' की अपनी अलग पहचान है और आकार में छोटी होने के बावजूद इसकी कीमत ज्यादा होती है। श्रमिक 'पनंगालकंडु' (ताड़ की मिश्री) और 'सिल्लुकुरुपट्टी' जैसे उत्पाद भी बनाते हैं। बाजार में इसकी डिमांड बनी रहती है।
श्रमिकों ने बताया कि पिछले मानसून और उसके बाद गर्मियों के महीनों में कम बारिश के कारण इस वर्ष उत्पादन में भारी गिरावट आई है। उनके अनुसार, ताड़ के पेड़ों को पर्याप्त नमी नहीं मिली, जिससे गुड़ बनाने के लिए उपलब्ध 'पडनीर' की मात्रा पर असर पड़ा। मौजूदा उत्पादन सीजन के खत्म होने के साथ ही सप्लाई और कम होने की उम्मीद है। पिछले महीने सयालकुडी में ताड़ का गुड़ 350 रुपए प्रति किलो बिक रहा था, लेकिन अब वह 400 रुपए प्रति किलो तक बिक रहा है।
व्यापारियों का कहना है कि उत्पादन सीजन खत्म होने के बाद कीमतें और बढ़ सकती हैं, खासकर मानसून और सर्दियों के महीनों में, जब आम तौर पर मांग बढ़ जाती है। इसलिए अल नीनो के कारण हुई कम बारिश ने (श्रमिकों और व्यापारियों) दोनों को प्रभावित किया है, जबकि ग्राहकों को ज्यादा कीमतें चुकानी पड़ रही हैं। मशहूर उडांगुडी किस्मों की कीमतें और भी ज्यादा हैं।
एक स्थानीय व्यापारी के अनुसार, उडांगुडी ताड़ के गुड़ का पुराना स्टॉक अभी लगभग 600 रुपए प्रति किलो बिक रहा है, जबकि ताजा बने गुड़ की कीमत लगभग 500 रुपए है। ताड़ की मिश्री लगभग 800 रुपए प्रति किलो बिक रही है, जबकि सिल्लूकरुपट्टी की कीमत लगभग 600 रुपए प्रति किलो है।