ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में रामनाथस्वामी मंदिर की झलक, तमिलनाडु के राज्यपाल ने की प्रधानमंत्री मोदी की सराहना

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में रामनाथस्वामी मंदिर की झलक, तमिलनाडु के राज्यपाल ने की प्रधानमंत्री मोदी की सराहना

नई दिल्ली, 12 सितंबर (आईएएनएस)। 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारत मंडपम में विश्व नेताओं के स्वागत समारोह में तमिलनाडु के रामेश्वरम स्थित रामनाथस्वामी मंदिर को पृष्ठभूमि के रूप में प्रदर्शित किए जाने पर तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने इसे तमिलनाडु और पूरे देश के लिए गर्व का विषय बताया।

राज्यपाल ने जारी संदेश में कहा कि रामनाथस्वामी मंदिर तमिलनाडु की स्थापत्य कला, सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन सभ्यतागत गौरव का अद्भुत प्रतीक है। मंदिर के भव्य गलियारे और 1,212 खूबसूरती से तराशे गए स्तंभ हमारे पूर्वजों की उत्कृष्ट शिल्पकला और इंजीनियरिंग कौशल को दर्शाते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की नवाचार, विकास और वैश्विक सहयोग की उपलब्धियों के साथ-साथ तमिलनाडु की इस अमूल्य धरोहर को भी विश्व मंच पर प्रदर्शित कर राज्य और देश का सम्मान बढ़ाया है।

राज्यपाल अर्लेकर ने कहा कि ब्रिक्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर रामेश्वरम का प्रतिनिधित्व यह संदेश देता है कि भारत का भविष्य की ओर बढ़ता विकास उसकी प्राचीन सांस्कृतिक और सभ्यतागत जड़ों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा, "हमारी विरासत हमारी ताकत है और हमारी सभ्यतागत धरोहर हमारी स्थायी पहचान है।"

शनिवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान सहित कई वैश्विक नेताओं का स्वागत किया।

स्वागत समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी विभिन्न नेताओं को रामनाथस्वामी मंदिर की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता के बारे में भी जानकारी देते नजर आए। विशेष रूप से उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को मंदिर की पृष्ठभूमि का महत्व समझाया।

तमिलनाडु के पंबन द्वीप पर स्थित रामनाथस्वामी मंदिर हिन्दू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों में से एक माना जाता है। यह भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है और रामायण से जुड़े होने के कारण इसकी विशेष धार्मिक मान्यता है।

अपने विशाल गलियारों, अद्वितीय वास्तुकला और धार्मिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध यह मंदिर भारतीय संस्कृति, आस्था और ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक है।

भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम "रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन और सस्टेनेबिलिटी" पर आधारित है, जो प्रधानमंत्री मोदी के "ह्यूमैनिटी फर्स्ट" दृष्टिकोण को दर्शाती है।

--आईएएनएस

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