नई दिल्ली, 13 सितंबर (आईएएनएस)। नई दिल्ली में हुए 18वें ब्रिक्स सम्मेलन में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा और आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो-टॉलरेंस' की नीति पर सदस्य देशों की सहमति को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है और इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति और कूटनीति की बड़ी सफलता बताया है।
बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने पटना में आईएएनएस से कहा, "ब्रिक्स समिट कई मायनों में सफल रही है और इससे भारत का मान-सम्मान बढ़ा है। प्रधानमंत्री का मान-सम्मान भी बढ़ा है। भारत की कूटनीति की सराहना हो रही है और यह प्रधानमंत्री के नेतृत्व का भी एक सफल उदाहरण है।"
भाजपा के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने रांची में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, "यह कांग्रेस के फूफाओं के लिए वेकअप कॉल है जो कहते थे कि ब्रिक्स से कोई फायदा नहीं है, इससे आप निकल जाइये। साजिश कर रहे थे कांग्रेसी भारत को और अंतरराष्ट्रीय फोरम्स पर अलग-थलग करने के लिए। प्रधानमंत्री जी की शानदार विदेश नीति और कूटनीति को देखिए कि ब्रिक्स के देश, जो विश्व की 50 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं, उन्होंने एक मंच पर आकर कहा कि साहब जो पहलगाम का हमला था, वह बहुत कायरतापूर्वक हमला था और हम किसी भी तरीके से टेररिज्म बर्दाश्त नहीं करेंगे।"
हैदराबाद में भाजपा नेता बूरा नरसैया गौड ने ब्रिक्स समिट को भविष्य की दुनिया के लिए रास्ता तैयार करने वाला बताया। उन्होंने कहा, "पीएम मोदी की अगुवाई में हुआ ब्रिक्स समिट बहुत बड़ी कामयाबी रही है। सबसे अहम बात यह है कि आम तौर पर ऐसे समिट में घोषणाओं पर सभी देशों की सहमति नहीं बन पाती, क्योंकि हर देश का अपना नजरिया होता है। लेकिन इस दिल्ली घोषणापत्र में व्यापार, टैरिफ और आतंकवाद के मुद्दों पर सभी देशों की सहमति बनी है।"
उन्होंने आगे कहा कि व्यापार के लिए स्थानीय मुद्रा के इस्तेमाल पर बनी सहमति से डॉलर के दबदबे पर असरदार ढंग से रोक लगेगी। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि व्यापार, टैरिफ और आतंकवाद के मुद्दों पर हुआ यह ब्रिक्स समिट भविष्य की दुनिया के लिए रास्ता तैयार करेगा। मैं सभी भारतीयों की ओर से पीएम मोदी का शुक्रिया अदा करता हूं कि उन्होंने ऐसे ब्रिक्स समिट की अगुवाई की, जो भारत को विश्वगुरु बनाने में मदद करेगा।"