भुवनेश्वर, 22 जुलाई (आईएएनएस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) से दो महत्वपूर्ण जांच रिपोर्टों के गायब होने के मामले में कमिश्नरेट पुलिस ने जांच तेज कर दी है। इसी कड़ी में राजधानी पुलिस ने बुधवार को सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी और पूर्व बीजेडी नेता वीके पांडियन को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया है।
पुलिस द्वारा जारी नोटिस में वीके पांडियन को 25 जुलाई को सुबह 11 बजे जोन-1 के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें मामले से जुड़े सभी प्रासंगिक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी साथ लाने को कहा गया है।
दरअसल, पुलिस मुख्यमंत्री कार्यालय से गायब हुई दो अहम जांच रिपोर्टों की जांच कर रही है। इनमें स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती और अन्य लोगों की हत्या मामले में न्यायमूर्ति एएस नायडू आयोग की रिपोर्ट तथा एसयूएम अस्पताल अग्निकांड मामले में राजस्व मंडल आयुक्त (आरडीसी) की जांच रिपोर्ट शामिल हैं।
जांच में तेजी आने के साथ पुलिस सीएमओ से जुड़े कई अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है, ताकि गायब फाइलों का पता लगाया जा सके और मामले में नए सुराग हासिल किए जा सके।
इससे पहले पूर्व आईटी सचिव मनोज मिश्रा भी पुलिस नोटिस मिलने के बाद 18 जुलाई को कैपिटल पुलिस स्टेशन पहुंचे थे। वहां उनसे करीब 30 मिनट तक पूछताछ की गई थी और जांचकर्ताओं ने गायब रिपोर्टों से संबंधित जानकारी जुटाई थी।
वहीं, तत्कालीन मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के पूर्व प्रधान सचिव राजेश वर्मा को भी कुछ दिन पहले पुलिस ने नोटिस जारी किया था। हालांकि, वह अब तक कैपिटल पुलिस के समक्ष पेश नहीं हुए हैं।
जांच के तहत पुलिस टीम पहले लोक सेवा भवन भी पहुंची थी, जहां गृह विभाग और सामान्य प्रशासन (जीए) विभाग में रिपोर्टों के गायब होने को लेकर पूछताछ की गई थी।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। यदि जांच में कोई नई जानकारी सामने आती है तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।